पॉक्सो एक्ट में हुए बदलाव का अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने किया समर्थन

मुंबई। देश में हो रहे नाबालिग लड़कियों के साथ रेप के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। इससे पूरे देश के लोगो में आक्रोश भरा हुआ हैं। आम आदमी से लेकर बॉलीवुड के बड़े बड़े एक्टर एक्ट्रेस तक में गुस्से का माहोल बना हुआ हैं। नाबालिग बच्चो के साथ दुष्कर्म का मामला बढ़ने के बाद पोक्सो एक्ट में बदलाव को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की भी मंजूरी मिल गई है।बता दे बीते रविवार को इस कानून को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की तरफ से मंजूरी दे दी गई हैं।

एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा

पोक्सो एक्ट में बदलाव के बाद जो नया कानून आया हैं उसके मुताबिक 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म के आरोपी को मृत्युदंड दिया जाएगा। एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा ने इस एक्ट में बदलाव होने के बाद कहा कि ‘मैं इसका पूरा समर्थन करती हूं। किसी बच्चे का बलात्कार, इंसान द्वारा की जाने वाली सबसे बुरी चीज है। इस तरह के लोगों को सबसे सख्त और सबसे कठिन सजा दी जानी चाहिए’। अभिनेत्री ने यह बात एक कार्यक्रम के दौरान कही।

बॉलीवुड सेलिब्रिटिज का फूटा था गुस्सा- गौरतलब हैं कि कठुआ और उन्नाव कांड से हर किसी को बहुत आहात पहुंचा हैं। बॉलीवुड के कई बड़े -बड़े कलाकार भी ऐसी घटनाओं पर अपना गुस्सा जाहिर कर चुके हैं। जम्मू कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और उसका मर्डर किये जाने की जघन्य घटना को बिगबी ने बेहद गन्दा बताते हुए कहा था कि इस बारे में तो बात करने से ही घिन आती है। अभिनेत्री आलिया आलिया भट्ट ने इस घटना पर कहा था कि जो हुआ है वह खौफनाक है। भयानक है। ऐसा दर्द है जो कि भुलाया नहीं का सकता है। यह बहुत शर्मनाक है। इस पूरे हादसे से मैं बहुत हर्ट हूं। एक ह्यूमन बीइंग होने के नाते मैं इस बात से तकलीफ में हूं।

जानिए क्या है पॉक्सो एक्ट- क्रिमिनल ला आर्डिनेंस 2018 के मुताबिक 12 साल से कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वालों को मृत्युदंड का प्रावधान किया गया है। कम से कम सजा भी 20 साल की होगी जिसे बढ़ाकर आजीवन भी किया जा सकता है। अन्य मामलों में भी सात साल सश्रम कारावास को बढ़ाकर 10 वर्ष किया गया है। यही नहीं जांच और न्यायिक प्रक्रिया तेज करने का भी प्रावधान किया जाएगा। एक तरफ जहां दुष्कर्म की फारेंसिक जांच के लिए सभी पुलिस स्टेशन और अस्पताल को विशेष किट उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं नए फास्ट ट्रैक कोर्ट भी बनाए जाएंगे। पीडि़ता की सहायता के लिए चलाए जा रहे वन स्टाप सेंटर भी देश के सभी जिलों में स्थापित होंगे।

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