एक्टरो का पागलपन देखने को मिलेगा फिल्म ‘जजमेंटल है क्या’ में

नई दिल्ली: आजकल ऐसी फिल्मे बहुत कम ही आ रही जो दर्शकों को इतना पसंद आये कि वो उस फिल्म को आखिरी तक देखने में अपने आप को बाँध सके. जजमेंटल है क्या कि स्टारकास्ट राजकुमार राव और कंगना रनौत है. जब कंगना रनौत और राजकुमार राव स्टारर फिल्म जजमेंटल है क्या के आने की बात हुई थी तब सभी ने सोचा था कि आखिर इस फिल्म में ऐसा क्या ख़ास होता कि दर्शक इसे देखने के लिए जाएंगे? कंगना रनौत की फिल्म है तो इसके साथ विवाद जुड़ना तो बनता था. 

ढेर सारे प्रचार और विवाद के बाद ये फिल्म रिलीज होने जा रही है और हमें इसे देखने का मौका मिला. अब फिल्म देखने के बाद ये कहना जरूरी हो गया है कि यार इस फिल्म को जज मत करो क्योंकि आपको काफी मजा आने वाला है.

सबसे पहले बात फिल्म की कहानी की. ये साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है बॉबी और केशव के बारे में जो एक बार मिलते हैं और फिर शुरू होता है मिस्ट्री गेम. केशव के घर में हुई है मौत और इस मौत का जिम्मेदार कौन है बचपन से ही दिमाग से हिली हुई बॉबी या फिर सीधा-सादा केशव? यही और बहुत कुछ आपको इस फिल्म में देखने को मिलेगा.

इस फिल्म की कहानी बढ़िया है, जो बहुत सारे ट्विस्ट और टर्न्स से भरी हुई है. एक डार्क कहानी जो जैसे-जैसे आगे बढ़ती है आपको अपने साथ और ज्यादा जोड़ती चली जाती है. बॉबी (कंगना रनौत) अपने बचपन के ट्रॉमा से गुजरने के बाद एक्यूट साइकोसिस नाम की दिमागी बीमारी से जूझ रही है. उसका बॉयफ्रेंड कम मैनेजर वरुण (हुसैन दलाल) उनके साथ है और कुछ ‘पाने’ के बजाए उसके साथ सब्जियां खरीदने में समय बिता रहा है.

डायरेक्टर प्रकाश कोवेलामुड़ी ने इस फिल्म के साथ कोशिश बहुत अच्छी की है. फिल्म की कहानी बढ़िया है, उसका एक्सीक्यूशन शानदार है, सारे जोक्स और पंचलाइन एकदम सही टाइमिंग के साथ हैं और फिल्म ने पूरा समय दर्शकों को साथ में जोड़े रखा. हालांकि फिल्म की कमी ये थी कि सीन्स को बहुत खींचा गया. कुछ नहीं तो सेकंड हाफ में एक बार आपको जरूर लगेगा कि बहुत देर हो गई है और फिल्म का क्लाइमेक्स क्यों नहीं आ रहा है! कुछ चीजें थोड़ी सी ओवर थीं, हालांकि हो सकता है कि अपने मैसेज को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें ऐसा बनाया गया हो. लेकिन ये फिल्म उम्मीद से बेहतर बनी है. एक डार्क फिल्म, जिसमें आप दिमागी रुप से परेशान इन्सान की नजरों से ये दुनिया देखेंगे, जो अपने अन्दर की शांति बाहर की दुनिया में ढूंढ रही है.

डायरेक्टर प्रकाश ने इस फिल्म को बहुत बढ़िया तरीके से बनाया है. फिल्म की सिनेमेटोग्राफी और एडिटिंग दोनों बढ़िया है. कंगना और राजकुमार के किरदार को जिस तरह से एक्सप्लोर किया गया है, वो लाजवाब है. फिल्म का म्यूजिक काफी अच्छा है. वखरा स्वाग के अलावा फिल्म के बाकी सभी गाने हर सीक्वेंस के साथ फिट बैठते हैं. इसके अलावा फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर बहुत बढ़िया है.

‘जजमेंटल है क्या’ फिल्म के म्यूजिक की बात करें तो इस फिल्म में बैकग्राउंड म्यूजिक की अहम भूमिका है। ये बेकग्राउंड सीन आने के पहले ही आपके अंदर एक कोलूहल भर देता है.

इस फिल्म में हर किरदार के डायलॉग बहुत ही उम्दा है। नार्मल से लगने वाले शब्द को इतने बेहतरीन तरीके से पेश किया गया है जिसे सुनकर आप सोच में पड़ सकते है कि वास्तव में इस तरह से भी इन शब्दों को बोला जा सकता है। कई डायलॉग आपको हंसने में मजबूर कर देंगे तो कई सस्पेंस से भरे लगेंगे।

अगर आप कंगना रनौत और राजकुमार के फैन के अलावा कुछ अच्छे कंटेंट की फिल्म का इंतजार कर रहे थे तो फिर आपको यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए.

Related Articles