मेरठ में हिंसा फैलाने के लिए बसपा नेता योगेश वर्मा जिम्मेदार : एडीजी

लखनऊ। देश भर में चल रहे दलित आंदोलनों ने हंगामा मचा रखा है। उत्तर प्रदेश में भी दलित आंदोलन की आग तेज है। सोमवार को कई जिलों में हिंसक प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों को लेकर अब पुलिस प्रशासन काफी सख्त है। उसने इस हिंसा के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

दलित आंदोलन

न्यूज 18 से बात करते हुए मेरठ ज़ोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि ज़ोन के विभिन्न ज़िलों में स्थिति सामान्य है। हालात पर नजर बनाये हुए। वहीँ पुलिस के साथ साथ प्रशासन की ज्वाइंट टीम पेट्रोलिंग कर रही है। इस मामले में अब तक जोन में कुल 488 लोग हिरासत में लिए गए हैं, वहीं 250 को जेल भेजा गया है।

एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि कोई अप्रिय घटना नहीं होने दी जाएगी। लोग अफवाहों पर ध्यान न दें। वीडियो फुटेज के आधार पर 488 लोग ज़ोन में हिरासत में लिए गए हैं। 250 लोग जेल भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि कोई गलत आदमी जेल नहीं जाएगा, जिनके पास भी वीडियो फुटेज हैं, वो पुलिस को भेंजें, ताकि कार्रवाई हो सके। उन्होंने कहा कि आगजनी और तोड़फोड़ की घटना में शामिल रहे हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

वहीँ एडीजी ने बताया कि इस मामले में एक बसपा नेता भी आरोपी हैं जिन्होंने इस हिंसा को हवा दी। उनके खिलाफ हमारे पास सबूत हैं। बसपा नेता पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने लोगों को उकसाया। वहीं सपा नेता अतुल प्रधान के रोल की भी जांच हो रही है।

एडीजी ने कहा कि शान्तिपूर्ण प्रदर्शन की परमिशन दी गई थी। कहीं भी पुलिस फायरिंग नहीं हुई है। मुजफ्फरनगर में आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे। प्रदर्शन के दौरान कई मीडिया कर्मियों, वकीलों पर अटैक किया गया। स्कूली बच्चों की गाड़ियों को भी क्षति पहुंचायी गई।

आपको बता दें कि मेरठ, गोरखपुर, सहारनपुर, हापुड़ और आगरा समेत कई जिलों में प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा काटा।

आगरा में दलित संगठनों का उग्र प्रदर्शन जारी है। यहां भी अराजक तत्वों ने तोड़फोड़ की, सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया, गाड़ियों में तोड़फोड़ और पथराव किया। जगह-जगह पर प्रदर्शनकारी कहर बरपा रहे हैं। इतना ही नहीं आगरा में प्रदर्शनकारियों ने रेल की पटरियों पर कब्ज़ा कर बैठ गए हैं।

इसकी वजह से दिल्ली-झांसी रेलवे मार्ग पर कई ट्रेन प्रभावित हुई हैं। जयपुर रुट पर आवाजाही एक दम से ठप्प हो गई। मेरठ में यही हाल हैं। बसों दुकानों और पुलिस चौकी फूंकने के बाद प्रदर्शनकारियों ने पत्रकारों पर भी हमला कर दिया। बलवे की सूचना पर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। कंकरखेडा क्षेत्र में उग्र प्रदर्शंजारी है।

वहीं हापुड़ में एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जबरदस्त विरोध देखने को मिला। यहाँ दलित संगठनों बहुत तांडव मचाया। पट्रोल पम्प पर भी तोड़फोड़ की, गाड़ियों पर पथराव किया।  सहारनपुर में भी कुछ ऐसा ही नजारा नजर आया। यहां भीड़ ने बसों में तोड़फोड़ की।

गाजियाबाद के लोनी में भी प्रदर्शनकारियों ने रेलवे फाटक जाम कर दिया। राजधानी लखनऊ में भी आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के कार्यकर्ता काली पट्टी बांधकर कर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

Related Articles