श्मशान घाट हादसे पर एक्शन में प्रशासन, तीन को किया गिरफ्तार, लेकिन फिर भी खड़े हो रहे सवाल

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में श्मशान घाट पर हुए हादसे में मृतकों की संख्या धीरे धीरे बढ़ती जा रही है। हादसे में मरने वालों की संख्या अब 24 हो गई है। वहीं इस मामले को लेकर प्रशासन भी सख्त हो गया है। पुलिस ने इस मामले में तीन अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन इस हादसे के बाद प्रशासन पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

लापरवाही बरतने पर तीन गिरफ्तार

श्मशान घाट की छत के नीचे दबकर मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। हालांकि पुलिस ने इस मामले में नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी (EO) निहारिका सिंह, कनिष्ठ अभियंता सीपी सिंह और सुपरवाइजर आशीष समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि ठेकेदार अजय त्यागी और बाकी कई लोग अभी फरार चल रहे हैं। पुलिस के मुताबिक सभी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

क्या है मामला?

रविवार को तेज बारिश के कारण मुरादनगर में बंबामार्ग पर स्थित श्मशान घाट परिसर की छत और दीवार गिर गई। घटना के समय श्मशान घाट पर अंत्येष्टि हो रही थी और इस दौरान वहां एकत्र 40 से अधिक लोग मलबे में दब गए। हादसे में 24 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल हो गए हैं।

सवालों के घेरे में प्रशासन

श्मशान घाट की छत गिरने से कई लोगों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मरने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है। विपक्षी पार्टियां लगातार सरकार पर हमला बोल रही हैं। लेकिन सवाल अब यह है कि आखिर प्रशासन के अब एक्शन में आने से क्या मरने वाले दोबारा इस दुनिया में आ जाएंगे?। क्या गिरफ्तारी से मृतकों के परिवार में खुशी की लहर दौड़ पाएगी?। सवाल यह भी है कि आखिर घटना के बाद ही प्रशासन एक्शन में क्यों आता है। अगर यही एक्शन पहले लिया गया होता तो शायद इतनी जानें नहीं जाती।

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