प्रशासन ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर को कासगंज जाने से रोका

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लखनऊ। कासगंज हिंसा में के बाद अब इस पर राजनीति शुरू हो चुकी है। इसी कड़ी में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल कासगंज जा रहा था जिसे प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। कानून का हवाला देकर पुलिस ने प्रतिनिधिमंडल को कासगंज जाने से रोक दिया।

दरअसल कासगंज हिंसा में मारे गए युवक चंदन गुप्ता के परिजनों से मिलने के लिए राज बब्बर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल कासगंज जा रहा था। लेकिन प्रशंसन ने इस बता की अनुमति नहीं दी। आपको बता दें कि कासगंज में अब हालात तो थोड़े सामान्य हुए हैं लेकिन राजनितिक दल अब अपनी रोटियां सकने में लगे हैं।

इससे पहले अलीगढ बजरंग दल के जिला संयोजक धर्मवीर सिंह लोधी और उनके साथी भी मंगलवार को चंदन के परिवार से मिलने कासगंज पहुंचे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें मिशन चौराहे के निकट रोक दिया। उन्हें भी पीड़ित परिवार से मिलने की अनुमति नहीं मिली।

उन्हें संघ कार्यालय जाना था, लेकिन पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी। पुलिस अपनी अभिरक्षा में सभी गाड़ियों को ले गई और जिले के बाहर हाथरस सीमा में छोड़ दिया। कोतवाली प्रभारी रिपुदमन सिंह ने बताया कि उन्हें शहर में जाने की इजाजत नहीं दी गई।

वहीँ बीजेपी सांसद साक्षी महराज ने कासगंज हिंसा को कांग्रेस की साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में मोदी सरकार और और सूबे में योगी सरकार आई है, तब से विपक्ष बहुत मायूस हो गया है, क्योंकि कहीं भी सांप्रदायिक दंगे नहीं हुए। कासगंज के मामले में आज जो कांग्रेस की स्थिति है, उसमें मुझे बहुत बड़ी साजिश की बू नजर आती है। योजनाबद्ध तरीके से मोदी और योगी को बदनाम करने के लिए ये दंगे कराए गए।

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