10 साल सत्ता में रहने के बाद हम थोड़ा अहंकार में आ गए थे : राहुल गाँधी

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लंदन : राहुल गांधी ने शुक्रवार को लंदन के एक कार्यक्रम में 2019 के चुनाव को बीजेपी-आरएसएस बनाम पूरे विपक्ष की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा एक तरफ बीजेपी-आरएसएस है, दूसरी तरफ विपक्ष की सभी पार्टियां हैं।

इसका कारण यह है कि पहली बार भारतीय संस्थानों पर हमला किया गया है। कांग्रेस की प्राथमिकता बीजेपी को हराना और संस्थानों पर हो रहे अतिक्रमण को रोकना है। 2014 में हमारे चुनाव हारने की एक वजह यह रही कि 10 साल सत्ता में रहने के बाद हम थोड़ा अहंकार में आ गए थे। हमने इससे सबक लिया है।

लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने राफेल डील, भ्रष्टाचार, महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार की नीतियों की आलोचना की।

उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों को ‘‘बेहद दुखद त्रासदी’’ बताया और कहा कि वह किसी के भी खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा में शामिल लोगों को सजा देने का ‘‘100 फीसदी’’ समर्थन करते हैं। पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षक द्वारा हत्या के बाद 1984 में हुए दंगों में करीब 3,000 सिख मारे गए थे। उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि किसी के भी खिलाफ कोई भी हिंसा गलत है। भारत में कानूनी प्रक्रिया चल रही है लेकिन जहां तक मैं मानता हूं उस समय कुछ भी गलत किया गया तो उसे सजा मिलनी चाहिए और मैं इसका 100 फीसदी समर्थन करता हूं। मेरे मन में उसके बारे में कोई भ्रम नहीं है।

यह एक त्रासदी थी, यह एक दुखद अनुभव था। आप कहते हैं कि उसमें कांग्रेस पार्टी शामिल थी, मैं इससे सहमति नहीं रखता। निश्चित तौर पर हिंसा हुई थी, निश्चित तौर पर वह त्रासदी थी।’’

वह वर्ष 1991 में लिट्टे द्वारा उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या का जिक्र कर रहे थे। गांधी ने कहा, ‘‘मैं इस धरती पर किसी के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा के विरुद्ध हूं। मैं परेशान हो जाता हूं जब मैं किसी को आहत होते देखता हूं। इसलिए मैं इसकी 100 प्रतिशत निंदा करता हूं और मैं किसी के भी खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा में शामिल लोगों को सजा देने के 100 फीसदी समर्थन में हूं।’’

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