130 साल बाद आया हरियाली तीज का ऐसा मुहूर्त, करें विधि-विधान से पूजा

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नई दिल्ली। सावन का महिना चल रहा है, शिव भक्त अपने भगवन को खुश करने के लिए उपासना कर रहे है। आज सावन की तीज है जिसे हरियाली तीज व्रत और कज्जली तीज भी कहा जाता है। श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरियाली तीज व्रत मनाया जाता  यह त्योहार लगभग पूरे उत्तर भारत में मनाया जाता है। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है, 130 साल बाद इस बार तीज का अद्भुत अच्छा संयोग बना है। इस दिन शिवयोग होने की वजह से पूजा-पाठ का कई गुणा अधिक फल मिलने वाला है।

मेहंदी लगाना तो सभी लड़कियों या औरतों को पसंद होता है, हरियाली तीज के त्योहार में मेहंदी का बहुत बड़ा महत्त्व होता है। सुहागिन महिलाएं पति की नाम की मेहंदी लगवाती है, इसे मेहंदी पर्व भी कहा जाता है। इस उत्सव में कुंवारी कन्याओं से लेकर नवविवाहिता कन्याएं और सुहागन स्त्रियां शामिल होती हैं।

चलिए जानते है इस बार तीज क्यों महत्वपूर्ण है?
इस बार सावन के सोमवार को तीज का त्यौहार पड़ा है इसलिए इसका महत्त्व बढ़ गया है, सावन का सोमवार बहुत पवित्र होता है। शिव जी तीज की हर मनोकामना पूरा करते हैं, धन, ऐश्वर्य और पति के प्यार का कारक ग्रह शुक्र माना जाता है। तीज पर हर कन्या और महिला को मेहंदी जरूर लगानी चाहिए।

ये है मेहंदी लगाने का शुभ मुहूर्त
12 अगस्त रविवार दोपहर 2 बजे से आज रात 12 बजे तक मेहंदी लगा सकते हैं। लेकिन शाम 4 बजकर 30 मिनट से 6 बजे तक मेहंदी न लगाएं।

तीज पर सुहागिन महिलाओं को क्या करना चाहिए?
पति यानी सुहाग की रक्षा के लिए मेहंदी रचाई जाती है। तीज पर सुहागिन महिलाएं मां पार्वती की पूजा करती हैं। बता दें, तीज का मतलब तीन चीजों का त्याग करना होता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं तीन बातों का प्रण लेती हैं।

  1. पति से छल कपट नही करेंगी।
  2. पति से झूठ और दुर्व्यवहार नही करेंगी।
  3. किसी पराय की निंदा नही करेंगी।

तीज पर मेहंदी लगाने का क्या महत्त्व होता है?
– हरियाली तीज से एक दिन पहले मेहंदी लगाई जाती है। रविवार यानी आज के दिन मेहंदी लगाएं।
– मेहंदी लगाने से बुध और शुक्र ग्रह बलवान होता है।
– असली मेहंदी के पत्तो का घोल सिर, पंजो, हथेली और तलवो में लगाने से शांति का अनुभव होता है।
– महिलाएं शांत रहती हैं, चिड़चिड़ापन दूर होता है और क्लेश नहीं करती हैं।
– घर के सभी सदस्यों को प्यार करती हैं।
– जोड़ो के दर्द में भी मेहंदी से आराम मिलता है।

तीज में इस बार क्या खास करें ?
– सावन सोमवार को तीज है।
– गुलाबी जोड़ा या वस्त्र धारण करें।
– गुलाबी ही चुन्नी पहनें।
– गुलाबी इत्र लगाएं।
– गुलाबी लाल और हरी चुड़ियां धारण करें।
– गुलाबी लिपस्टिक लगाएं।
– आपके सुहाग की रक्षा होगी।
– इससे आपकी पति और बच्चों की आयु बढ़ेगी।
– कुंवारी कन्या की शादी होगी।
– सुहागिन महिलाएं और कुवांरी कन्या सोमवार को दोपहर से शाम तक सज-धजकर शिव मंदिर जाएं।
– रोली सिंदूर और गुलाब का इत्र जरूर चढ़ाएं।
– बताशे खीर, सूजी हलवा चढ़ाएं।
– बेलपत्र, धतूरा, चावल सफेद बर्फी चढ़ाकर शंकर जी का दूध जल से अभिशेख करें।
– पूजा में सफेद फूल का ही इस्तेमाल करें।
– जूही, चमेली और गुलाब का फूल भी चढ़ा सकते हैं।

 

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