15 साल बाद अंपायर ने किया खुलासा, कहा- मेरे गलत फैसले के कारण इतिहास रचने से चूक गए थे सचिन

नई दिल्ली. भारत के पूर्व बल्लेबाज और सचिन तेंदुलकर ने अपने लंबे करियर में कई बड़े रिकॉर्ड कायम किए. वहीं डीआऱएस की गैरमौजूदगी में कई बार नॉटआउट होते हुए आउट करार दिए जिसके कारण वह कई बार अपने शतक और अर्धशतक से चूक गए. सचिन के खेलते हुए स्टीव बकनर बड़े अंपायर माने जाते थे. उन्होंने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि अपने करियर के उन्होंने दो बार सचिन तेंदुलकर को गलत तरीके से आउट करार दिया था. इसका खामियाजा सचिन तेंदुलकर को भुगतना पड़ा जो इतिहास रचने से चूक गए.

बकनर से दो बार हुई गलती

बकनर ने मैसन एंड गेस्ट नाम के शो में बताया, ‘सचिन तेंदुलकर को मैंने दो बार ऐसे मौकों पर आउट दिया जब वह नॉटआउट थे. कोई भी अंपायर ऐसा जानबूझकर नहीं करता. वह जानता है कि भविष्य खतरे में पड़ सकता है.’ बकनर ने बताया कि उन्होंने पहली बार ऑस्ट्रेलिया में और दूसरी बार भारत में गलत फैसला किया. उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया (2003)  में मैंने उन्हें एक बार एलबीडबल्यू आउट करार दिया था जबकि गेंद विकेट के ऊपर से जा रही थी. वहीं दूसरी बार ऐसा ईडन गार्डन्स में जब गेंद बल्ले पर नहीं लगी थी लेकिन मैंने उन्हें आउट करार दिया. ईडन गार्ड्न्स (2005) में एक लाख लोग शोर करने लगे और आपको कुछ सुनाई नहीं देता है. मैं आज भी उन गलतियों के कारण दुखी महसूस करता हूं. मैं इंसान हूं मुझसे गलतियां होती हैं और मैं मानता हूं.’

पाकिस्तान के खिलाफ सचिन के पास था इतिहास रचने का मौका
आपको बता दें कि पाकिस्तान के खिलाफ ईडन गार्डन्स के उस मैच में सचिन ने अर्धशतक लगाया था. वह 54 रन बनाकर खेल रहे खेल रहे थे जब अब्दुल रज्जा की गेंद पर उन्हें आउट दिया गया. उस मैच में शतक लगाकर वह सुनील गावस्कर के सबसे ज्यादा शतक के रिकॉर्ड को तोड़ सकते थे लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. बकनर ने सचिन की तारीफ करते हुए कहा कि वह महान बल्लेबाज हैं क्योंकि उनके पास हर तरह के शॉट हैं. हालांकि उन्होंने अपने हमवतन ब्रायन लारा को सचिन से बेहतर बताया.

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