25 साल बाद एक मंच पर एसपी-बीएसपी, देवबंद से साधेंगे सियासी समीकरण

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए पार्टियां कुछ भी करने के लिए तैयार है और सही भी है हर राजनेता एक बार प्रधानमंत्री बनाने का सपना तो देखता ही है लेकिन इसी कुर्सी के लिए सालों तक जानी दुश्मन बनी दो अलग-अलग पार्टियां एक साथ हाथ पकड़ कर दौड़ लगाये ये अनोखी बात है खैर इन दोनों पार्टियों का साथ बन चूका है बस कमी थी तो हाथ पकड़ साथ बैठने की वो भी पूरी हो गयी, एक लंबे समय बाद रविवार को बीएसपी सुप्रीमो मायावती और एसपी चीफ अखिलेश यादव एक साथ चुनावी अभियान की शुरुआत करेंगे.

लोकसभा चुनाव से पहले गठबंधन के फैसले के बाद पहली बार दोनों पार्टी प्रमुख एक मंच पर दिखाई देंगे. दोनों नेताओं की पहली संयुक्त चुनावी सभा रविवार को देवबंद सहारनपुर में होगी, जहां पहले चरण में चुनाव होना है. बता दें कि 25 साल बाद दोनों पार्टियां एक साथ आ रहे हैं. मायावती इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रविवार को अमौसी एयरपोर्ट लखनऊ से चार्टर विमान से सरसावां एयरपोर्ट सहारनपुर जाएंगी. उसके बाद देवबंद के पास स्थित जनसभा स्थल पहुंचेंगी और सभा को संबोधित करेंगी.

इससे पहले लोकसभा चुनाव 2019 में पहले चरण का मतदान शुरू होने से पहले समाजवादी पार्टी ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया. इस मौके पर एसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अगड़ा बनाम पिछड़ा में जंग छेड़ने के संकेत दिए. पार्टी का विजन डॉकुमेंट जारी करते हुए उन्होंने कहा कि देश में 10 फीसदी सामान्य वर्ग के लोग 60 फीसदी राष्ट्रीय संपत्ति पर काबिज हैं.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आठ सीटों पर पहले चरण में 11 अप्रैल को मतदान होना है. प्रथम चरण से ही बढ़त लेने के लिए हर राजनीतिक दल ताकत लगा रहा है. इसी प्रयास में बीजेपी सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, बिजनौर, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में एक के बाद एक कई रैलियां कर चुकी है. वहीं, महागठबंधन में शामिल एसपी, बीएसपी और आरएलडी की तरफ से रविवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहली चुनावी रैली की जाएगी, जो देवबंद में सहारनपुर मार्ग पर जामिया तिब्बिया मेडिकल कॉलेज के पास स्थित मैदान पर होगी.

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