अफगानिस्तान की हार के बाद, Malala Yousafzai ने लगाई दुनिया से मदद की गुहार

स्वाट : पाकिस्तानी एक्टिविस्ट Malala यूसुफजई, जिन्हें तालिबान ने सार्वजनिक रूप से महिलाओं और लड़कियों की शिक्षा की वकालत करने के लिए सिर में गोली मार दी थी, ने कहा है कि वह तालिबान के देश पर कब्ज़े की खबर से बुरी तरह सदमे में हैं।

Malala को 15 साल की उम्र में तालिबान ने मारी थी गोली 

इस कड़ी में हाल ही में जारी अपने बयान में 24 वर्षीय मलाला ने कहा कहा कि वह अफगानिस्तान में “महिलाओं, अल्पसंख्यकों और मानवाधिकारों की वकालत करने वालों के बारे में बहुत चिंतित हैं” और इस मसले में उन्होंने वर्ल्ड लीडर्स से जल्द इस मसले में हस्तक्षेप करने की गुज़ारिश भी की है। इस कड़ी में उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि “मैं पूरी तरह से सदमे में हूँ , क्योंकि तालिबान ने अफगानिस्तान पर काबू कर लिया है। वैश्विक, क्षेत्रीय और स्थानीय शक्तियों को तत्काल युद्धविराम का आह्वान करना चाहिए, और फ़ौरन अफगानी लोगों को मानवीय सहायता प्रदान करनी चाहिए और शरणार्थियों और नागरिकों की रक्षा करनी चाहिए।

इस कड़ी में आपकी जानकारी के लिए बता दें की यूसुफजई को पाकिस्तान की स्वात घाटी से भागने के लिए मजबूर किया गया था जब 2008 में तालिबान ने इसे अपने कब्जे में ले लिया था और लड़कियों के स्कूल जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। उन्होंने सार्वजनिक रूप से महिला शिक्षा के महत्व के बारे में बात की थी इसके बाद में अक्टूबर 2012 में स्कूल से घर जाते समय एक नकाबपोश तालिबान बंदूकधारी ने उन्हें गोली मार दी थी।

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