आखिर क्या हुआ कि रातों-रात बॉलीवुड ही नही देश छोड़ कर चली गई ये खूबसूरत अभिनेत्री?

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बॉलीवुड के दुनिया में जो एक बार जम जाये वो मुश्किल से ही इसे छोड़ पता है. ज़रा सोचिये उस एक्ट्रेस के बारे में जिसका कभी जलवा रहा हो, हर तरफ जिसके चर्चे रहे हो, सभी सुपरस्टार्स जिसके साथ काम करना चाहते हों और जो अपने टाइम पे बिलकुल टॉप पर रही हो.. एक दिन सबसे खुद को काट कर बॉलीवुड ही नहीं देश तक छोड़ दे जी हाँ हम बात कर रहे हैं अपने दौर की बेहंद जबरदस्त अदाकारा मीनाक्षी शेषाद्री की।

मीनाक्षी जब 17 साल की थी तभी वह मिस इंडिया चुनी गयीं थीं, तब वो शशिकला शेषाद्री के नाम से जानी जाती थीं। मिस इंडिया बनने के बाद अखबार में उनकी फोटो छपी और जब उस तस्वीर पर मनोज कुमार की नज़र पड़ी तभी उन्होंने तय कर लिया कि उनकी आने वाली फ़िल्म ‘पेंटर बाबू’ की हीरोइन वही होंगी और बिना स्क्रीन टेस्ट के मीनाक्षी को इस फ़िल्म में साइन कर लिया गया। बस एक अड़चन थी शशिकला का नाम, क्योंकि इस नाम की एक हीरोइन पहले से थीं तब तय हुआ कि इस एक्ट्रेस का नाम बदलकर मिनाक्षी किया जायेगा।

मीनाक्षी 18 साल की उम्र में फ़िल्मों में आईं. लेकिन, ‘पेंटर बाबू’ बुरी तरह फ्लॉप रही और इस बात से मीनाक्षी का हिंदी फिल्मों से मोहभंग भी हो गया। वो बॉलीवुड छोड़ने का मन बना चुकी थीं, लेकिन तभी शोमैन सुभाष घई अपनी फ़िल्म ‘हीरो’ के लिए हीरोईन की तलाश में जुटे थे और उन्होंने मिनाक्षी को अपनी इस फिल्म में लिया. लेकिन इस रोल के लिए मीनाक्षी तैयार नहीं थीं। लेकिन, सुभाष घई ने उन्हें इस रोले के लिए आखिरकार मना ही लिया।

साल 1983 में रिलीज़ हुई ‘हीरो’ ब्लॉकबस्टर साबित हुई। मीनाक्षी शेषाद्री रातों-रात स्टार बन गई। कामयाबी का पैमाना ये था कि 32 साल पहले ‘हीरो’ ने बॉक्स ऑफिस पर 13 करोड़ से ज्यादा की कमाई की। उस दौर में सिर्फ अमिताभ बच्चन की फ़िल्में ही इतनी कमाई कर पाती थीं। अमिताभ और मीनाक्षी की जोड़ी परदे पर सुपरहिट रही। ‘शहंशाह’ के बाद दोनों ने ‘गंगा जमुना सरस्वती’, ‘तूफान’ और ‘अकेला’ भी साथ-साथ की। अमिताभ के साथ ने मीनाक्षी का करियर चमका दिया। 80 के दशक में श्रीदेवी के स्टारडम को टक्कर देने वाली मीनाक्षी अकेली हीरोइन थी।

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