आखिर क्यों लगाया था सुशांत ने ट्विटर पर ये पेंटिंग, इस पेंटर ने भी की थी आत्महत्या

नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या ने पूरे देश को एक बड़ा झटका दे दिया है. खुशमिजाज माने जाने वाले और काफी संघर्ष के बाद बॉलीवुड में जगह बनाने वाले सुशांत के इस तरह आत्महत्या करने से पूरी इंडस्ट्री सदमे में है. बताया जा रहा है कि सुशांत काफी वक़्त से डिप्रेशन में थे और उनका इलाज भी चल रहा था. हालांकि आपको बता दें कि सुशांत ने अपनी ट्विटर प्रोफाइल पर कवर फोटो में दुनिया की एक मशहूर पेंटिंग लगाई हुई है, इस पेंटिंग को बनाने वाले पेंटर ने भी डिप्रेशन से जूझते हुए सिर्फ 37 साल की उम्र में आत्महत्या कर ली थी.

 

इस मशहूर पेंटिंग का नाम ‘स्टारी नाइट्स’ है और इसे 18वीं सदी के मशहूर चित्रकार विन्सेंट वान गॉग ने बनाया था. विन्सेंट आज भी करोड़ों चित्रकारों की प्रेरणा है और उनकी हर पेंटिंग की कीमत कई सौ करोड़ रुपए में हैं. हालांकि विन्सेंट का जीवन भी मानसिक रोग और डिप्रेशन से लड़ते हुए बीता और इसलिए उनकी पेंटिंग्स के रंगों और भावनाओं में उनके मन में चल रही उलझन नज़र आती हैं. सिर्फ 37 साल की बीमारियों और अवसाद से भरी ज़िंदगी में उन्होंने करीब क़रीब 900 पेंटिग्ज़ और बाक़ी रेखाचित्र बनाए. आपको बता दें कि 27 साल की उम्र तक उन्होंने एक भी पेंटिग नहीं बनाई थी और सिर्फ 10 साल में उन्होंने दुनिया को इतिहास की सबसे बेहतरीन पेंटिंग्स में से कुछ दे दीं.

स्टारी नाइट को माना जाता है सबसे बेहतरीन पेंटिंग

बहुत से कला के जानकार विन्सेंट की ‘द स्टारी नाइट’ को उनकी सबसे बेहतरीन पेंटिंग बताते हैं, हालांकि इस पर मतभेद भी हैं. कई बार बीमार हुए विन्सेंट ने ख़ुद ही तय किया था कि वे सेंट पॉल मौसोल मानसिक रोग चिकित्सालय में रहने जाएंगे. हालांकि अस्पताल में रहते हुए भी वे लगातार पेंटिंग बनाते थे और ‘सतारी नाइट्स’ का बड़ा हिस्सा भी उन्होंने इसी दौरान बनाया था.

 

अपनी मौत के लिए भी पेंटिंग बनाई थी
जिन्दगी में तरह-तरह के हालातों का सामना करना विन्सेंट के लिए काफी घातक साबित हुआ और मानसिक तौर पर वे लगभग टूट गए थे. नतीजतन अपनी उम्र के 37वें साल तक आते-आते वह मानसिक रुप से बीमार रहने लग गए. विन्सेंट की दिमागी हालत को देखते हुए उनके छोटे भाई थियो और थियो की पत्नी उनके साथ रहने लगे थे. वे अस्पताल में थे जब उन्होंने अपने जीवन की प्रसिद्ध पेंटिंग में से दो ‘लरिसिस’ और ‘द स्टारी नाइट’ बनाई.

अस्पताल से बाहर आकर वे कुछ वक़्त सामान्य रहे और मक्का के एक खेत में जाकर नई पेंटिंग बनाने लगे. 27 जुलाई 1890 को सुबह के समय पेंटिंग बनाते हुए अचानक वैन ने पिस्टल उठाई और खुद ही अपनी छाती में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी. उनकी इस आखिरी पेंटिंग का नाम ‘crows in the wheatfield’ था. ऐसा कहा जाता है कि खुद को गोली मारने की आवाज़ से खेत में बैठे पक्षियों के उड़ने की कल्पना कर उन्होंने इस पेंटिंग को बनाया था.

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