आखिर माफिया Mukhtar Ansari को लेने दल-बल के साथ पंजाब क्यों रवाना हुई यूपी पुलिस ?

माफिया मुख्तार अंसारी को पंजाब की रोपड़ जेल से उत्तर प्रदेश की बांदा जेल शिफ्ट करने से पहले सुरक्षा के पूरे बंदोबस्त किये जा चुके हैं। बांदा जेल के पुराने सीसीटीवी कैमरे भी दुरुस्त कर लिए गए हैं, जबकि कुछ जगहों नए भी लगाए गए हैं।

नई दिल्ली: यूपी के बाहुबली विधायक मुख़्तार अंसारी को यूपी लाने के लिए पिछले कई महीनों से यूपी और पंजाब सरकार के बीच तनातनी चल रही थी। लेकिन आखिरकार यूपी पुलिस ( UP Police ) की भारी-भरकम टीम पंजाब के रोपड़ जेल ( Ropar Jail ) रवाना हो गई। जिसमे दो सीओ, दो इंस्पेक्टर, छह दारोगा, 40 हेड कांस्टेबल समेत करीब सौ लोगों की टीम सोमवार को पंजाब के लिए निकली। इस टीम में एक ट्रक पीएसी जवान भी शामिल हैं।

साथ ही एक एम्बुलेंस में जिला अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर एसडी त्रिपाठी के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौजूद है। जानकारी के मुताबिक, वज्र वाहन के साथ करीब 10 गाड़ियों में सवार होकर टीम निकली है। हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से और कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। माफिया मुख्तार अंसारी को पंजाब की रोपड़ जेल से उत्तर प्रदेश की बांदा जेल शिफ्ट करने से पहले सुरक्षा के पूरे बंदोबस्त किये जा चुके हैं। बांदा जेल के पुराने सीसीटीवी कैमरे भी दुरुस्त कर लिए गए हैं, जबकि कुछ जगहों नए भी लगाए गए हैं।

Amendment Committee Inspected In Banda Jail - सुधार समिति का बांदा जेल में  निरीक्षण - Amar Ujala Hindi News Live

संदिग्ध लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी

मुख्य प्रवेश द्वार को जंजीरों से जकड़ने के साथ ही अस्थायी सुरक्षा चौकियां पहले ही बनाई जा चुकी हैं। इसी को देखते हुए बांदा जेल की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है जेल में एक अतिरिक्त चौकी बनाई गई है। पीएससी बटालियन भी तैनात है, उसके साथ ही पुलिसकर्मियों को अंदर और बाहर हर चप्पे-चप्पे पर तैनात कर दिया गया हैं। सुरक्षा के लिहाज से जेल के अंदर और बाहर संदिग्ध लोगों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। साथ ही जेल में रहने वाले कैदियों और आने-जाने वाले लोगों पर भी पैनी नजर बनी रहेगी। बता दें मंडल कारागार की किलाबंदी तकरीबन कर ली गई है।

लेकिन अब सवाल ये उठता है कि आखिर क्यों यूपी सरकार एक अपराधी को लेकर इतनी फिक्रमंद है। क्योकि यूपी के मुख्यमंत्री बोलते है कि उनके राज्य के सारे माफिया और अपराधी प्रदेश छोड़ कर भाग रहे है। तो फिर क्यों योगी आदित्यनाथ एक अपराधी को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गए और उसी अपराधी के लिए इतनी कड़ी सुरक्षा का इंतज़ाम आखिर क्यों किया जा रहा है। कहीं मुन्ना बजरंगी और विकास दूबे जैसी सुरक्षा देने की व्यवस्था तो नहीं या फिर मामला कुछ और है।

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