आखिर 14 सितंबर को ही हिन्दी दिवस क्यों मनाया जाता है, जाने इतिहास

भारत में बोली जाने वाली हिन्दी भाषा दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। बता दें कि संविधान के अनुच्छेद 343(1) में इसका उल्लेख किया गया है। जिसके अनुसार भारत की राजभाषा ‘हिन्दी’ और लिपी ‘देवनगरी’ है।

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नई दिल्ली: देश के आजाद होने से पहले हमारे देश में कई भाषाएं बोली जाती थी। जिनमे एक हिन्दी भाषा भी शामिल थी। लेकिन देश में बोली जानी वाली कई भाषाओं में ये चुनौती थी किसे राजभाषा का दर्जा दिया जाए। तभी संविधान सभा ने लंबी बहस के बाद हिन्दी को राजभाषा का दर्जा देने का फैसला किया था।

क्यों मनाया जाता है हिन्दी दिवस

भारत में बोली जाने वाली हिन्दी भाषा दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। बता दें कि संविधान के अनुच्छेद 343(1) में इसका उल्लेख किया गया है। जिसके अनुसार भारत की राजभाषा ‘हिन्दी’ और लिपी ‘देवनगरी’ है। इसी को याद करते हुए 14 सितंबर 1953 को हिंदी दिवस के रूप में मनाने जाने लगा।

भारत के कई राज्यों में बोली जाती है हिन्दी

हिन्दी भारत की 22 भाषाओं में से एक है। जो भारत देश में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। उत्तर भारत के कई राज्यों में ये भाषा सबसे अधिक बोली जाती है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश में हिन्दी बोली और समझी जाती है।

बिहार ने सबसे पहले आधिकारिक भाषा बनाया

बिहार देश का ऐसा पहला राज्य है। जिसने हिन्दी भाषा को सबसे पहले अपनी आधिकारिक भाषा बनाया। इससे पहले बिहार की उर्दू आधिकारिक भाषा था। बिहार ने 1881 में हिन्दी को अपनाया था।

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