आखिर क्यों इस देश की ‘सेना’ को घोषित किया गया ‘आतंकवादी संगठन’

न्यू यॉर्क : लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों पर स्नाइपर से गोलीबारी करने पर नागरिक सरकार के सदस्यों ने म्यांमार की सेना (Myanmar Army) को आतंकवादी संगठन (Terrorist organization) घोषित कर दिया है। काउंटर टेररिज्म लॉ के उल्लंघन में राज्य प्रशासन परिषद (SAC) ने सेना को आतंकवादियों जैसे कृत्य पर आतंकवादी समूह ‘के रूप में घोषित कर दिया है।

सूत्रों के मुताबिक सेना ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को गोली मारने, पिटाई करने और गिरफ्तार करने जैसे कार्रवाई की हैं। जिसमें छात्र और सिविल सेवक शामिल थे, जिन्होंने सविनय अवज्ञा आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया था। सेना ने इन निहत्थे लोगों पर हमला कर दिया।

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बता दें कि इसको लेकर संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने एक बयान में कहा कि म्यांमार (Myanmar)  में रविवार को पुलिस और सैन्य बलों के बीच संघर्ष में लगभग 18 लोग मारे गए है और 30 से अधिक घायल हुए है। बयान में बताया गया कि 1 फरवरी के तख्तापलट के बाद यह सेना की सबसे घातक कार्रवाई थी।

इसके साथ ही नागरिक नेता आंग सान सू की की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को बेदखल करने वाली म्यांमार सेना (Myanmar Army) के खिलाफ प्रदर्शन शनिवार को अपने चौथे सप्ताह में प्रवेश कर गया। वहीं इसको कुचलने के लिए सुरक्षा बलों ने देश भर के कस्बों और शहरों में प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई शुरू कर दी है।

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