यहां मरने के बाद नसीब नहीं होती दो गज जमीन, घर में ही बनती है कब्रगाह

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आगरा। वैसे तो इंसान को मरने के बाद दो गज जमीन नसीब हो ही जाती है लेकिन आपको जनकर हैरानी होगी कि आगरा में एक ऐसा भी गांव है जहां मरने के बाद इंसान को दो गज जमीन मिलना भी मुश्किल है। यहां गांव में किसी की मौत हो जाती है तो उसके जाने से ज्यादा दुख इस बात का रहता है कि उसके शव को कहां दफनाया जायेगा।

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दो गज जमीन

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यहां मौत के बाद टूट पड़ता है दुखों का पहाड़

आगरा स्थित अछनेरा से छह किलोमीटर दूर बसे छहपोखर गांव में लगभग सात हजार के करीब लोग रहते हैं। यहां रहने वाले लोग काफी बड़ी फॅमिली से ताल्लुक रखते हैं। इस गांव में जब किसी की मौत हो जाती है तो उसकी सबसे बड़ी दिक्कत उसके शव को दफ़नाने की होती है।

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लोग अपने घरों में दफनाते हैं शव

सूत्रों की माने तो यहां करीब 30 साल पहले पास के एक तालाब में स्थित भूमि पर शव दफनाये जाते थे लेकिन कुछ ही सालों में मिटटी के कटान और ग्रामीणों द्वारा मिट्टी खोदने से ये जगह तालाब के घेरे में आ गयी। इसके बाद से लोग शव को अपने ही घरों में खुली जगह पर दफ़नाने लगे हैं।

लेकिन अब इससे भी ज्यादा बुरी नौबत आ चुकी है। अब मौत हो जाने के बाद घरों में भी शव को दफ़नाने की जगह ही नहीं बची है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां बीते दिनों 72 वर्षीय एक शख्स की मौत हो गयी। उसके शव को दफ़नाने के लिए घर में जगह तक नहीं बची थी।

इसके बाद जब परिवार वालों ने उसके शव को तालाब के पास दफ़नाने की कोशिश की तो वहां मौजूद लोगों ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। जिसके बाद शव को मजबूरन घर में ही रखना पड़ा। हालांकि, थोड़ी देर बाद परिजनों और गांव के क्षेत्र पंचायत सदस्य सलीम शाह ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया। तब जाकर तालाब के पास शव को दफनाया जा सका।

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