दीवाली के बाद घुटने लगा दम, मंत्री बोले प्रदूषण के लिए जिम्मेदार पटाखे

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने दीपावली त्योहार के एक दिन बाद खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके प्रदूषण से निपटने के लिए शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न स्थानों पर एंटी-स्मॉग गन लगाने सहित प्रयास तेज कर दिए। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को कहा कि पराली जलाने और पटाखों की संख्या बढ़ने से राजधानी में अचानक प्रदूषण बढ़ गया है।

मंत्री ने मीडियाकर्मियों से कहा, नासा की तस्वीरों के मुताबिक, पड़ोसी राज्यों में लगभग 3,500 पराली जलाने की घटनाएं हो रही हैं। दिल्ली के अधिकांश नागरिकों ने दिवाली पर पटाखे नहीं जलाए, लेकिन हां कई लोगों ने इसे धार्मिक रंग देकर जानबूझकर पटाखे जलाए।

दिल्ली सरकार प्रदूषण की स्थिति के बारे में लोगों से पहले ही कई अपील कर चुकी है, लेकिन विपक्षी दल सिर्फ राजनीति के लिए लोगों को पटाखे जलाने के लिए प्रोत्साहित किया, जिसके परिणामस्वरूप अब हालात और खराब हो गए हैं।”

“हम दिल्ली में प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए कई चल और अचल एंटी-स्मॉग मशीनें लगा रहे हैं। 10 बड़ी जंगम एंटी-स्मॉग मशीनें सड़कों पर होंगी। हम उन जगहों पर पानी छिड़कने की प्रक्रिया भी शुरू कर रहे हैं जहां प्रदूषण गंभीर है।” राय ने जानकारी दी।

दिवाली के बाद शुक्रवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में प्रवेश करने के साथ ही खराब हो गई। मिनिस्ट्री अर्थ साइंसेज के सफर-इंडिया एप्लिकेशन के मुताबिक, नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) फिसलकर ‘गंभीर’ श्रेणी में आ गया। प्रदूषण मीटर (पीएम) 10 की सांद्रता 448 थी।

 

 

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