‘मानवीय युद्धविराम’ के बाद अजरबैजान-आर्मेनिया के बीच देर रात स्थिति हुई शांतिपूर्ण

'मानवीय युद्धविराम' के बाद अजरबैजान-आर्मेनिया के बीच देर रात स्थिति हुई शांतिपूर्ण

येरेवन: अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच विवादित क्षेत्र नागोर्नो-काराबाख में मानवीय आधार पर नया युद्धविराम प्रभावी होने के बाद से स्थिति शांतिपूर्ण है। आर्मेनिया के रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। गैर-मान्यता प्राप्त आर्तासख गणराज्य (नागोर्नो-काराबाख गणराज्य) के सरकारी प्रवक्ता वहराम पोघोसीन ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि नया युद्धविराम शनिवार को स्थानीय समयानुसार आधीरात से प्रभावी हुआ है।

उन्होंने कहा कि नागोर्नो-काराबाख क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण है। नागोर्नो-काराबाख क्षेत्र को लेकर अजरबैजान और आर्मीनियाई बलों के बीच 27 सितंबर को संघर्ष शुरू हुआ था अर्मेनिया के रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता शुशन स्टीफन ने अपने टेलिग्राम चैनल पर कहा, ‘मानवीय आधार पर युद्धविराम प्रभावी हो चुका है और क्षेत्र में स्थिति शांतिपूर्ण है।
इस बीच अर्मेनिया के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि मानवीय आधार पर किया गया यह समझौता रूस, अर्मेनिया और अजरबैजान के विदेश मंत्रियों की तरफ से मास्को में जारी संयुक्त बयान पर आधारित है।

अर्मेनियाई विदेश मंत्रालय ने शनिवार को जारी बयान में कहा,’हम 17 अक्टूबर को मानवीय आधार पर हुये युद्धविराम समझौते के लिए ओएससीई (ऑर्गेनाइजेशन फॉर सिक्योरिटी एंड को-ऑपरेशन इन यूरोप), मिन्स्क ग्रुप के सह-अध्यक्षों और फ्रांसीसी राष्टपति इमैनुएल मैक्रोन की प्रत्यक्ष भागदारी के प्रयासों की बहुत सराहना करते हैं।’

बयान में कहा गया, ‘हम मानते हैं कि यह समझौता मास्को में जारी संयुक्त बयान पर आधारित है, जो संघर्षविराम के प्रभावी होने की आवश्वयकताओं का वर्णन करता है।’

ये भी पढ़ें : आध्यात्मिक गुरु जोसेफ मार थोमा का निधन, PM मोदी बोले, ‘उनके आदर्श हमेशा रहेंगे’

Related Articles