कई उतार-चढ़ाव के बाद इस मुकाम तक पहुंचे प्रसून जोशी, PM मोदी के हैं …

नई दिल्ली: हिंदी कव, लेखक, स्क्रिप्ट रायटर और इंडियन सिनेमा के गीतकार प्रसून जोशी लंदन में प्रधानमंत्री मोदी की वेस्टमिंस्टर के सेंट्रल हॉल में बेहद लंबा टाउनहाल कार्यक्रम, कुछ और नहीं, बल्कि शिखर के अकेलेपन को दूर करने की कोशिश थी। ‘भारत की बात, सबके साथ’ नाम के इस कार्यक्रम के जरिए पीएम मोदी ने लोगों से घुलने-मिलने और बात करने की कोशिश की, ताकि वो अपनी कमजोरियां भी दुनिया को दिखा सकें।

इस दौरान प्रसून ने मोदी का इंटरव्यू भी किया। जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर खूब हो रही। एक तरफ तारीफें मिल रहीं हैं तो दूसरी तरफ उन्हें विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है।  प्रसून जोशी पर कई आरोप लगाये जा रहे हैं।

1971 में उत्तराखंड के अल्मोड़ा में जन्मे प्रसून जोशी विज्ञापन जगत की गतिविधियों से भी जुड़े हैं और अन्तर्राष्ट्रीय विज्ञापन कंपनी ‘मैकऐन इरिक्सन’ में कार्यकारी अध्यक्ष हैं। प्रसून जोशी को उन्हें साहित्य में काफी दिलचस्पी है।

प्रसून जोशी को 17 साल की उम्र से ही लिटरेचर से काफी लगाव है, जिसके चलते उन्होंने अपनी बुक ‘मैं और वो’ रिलीज़ की है। साइंस से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने एमबीए किया और एडवरटाइजिंग के क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला कर लिया। लेकिन उनके अन्दर के कवि ने उन्हें किताब लिखने पर मजबूर कर दिया। प्रसून जोशी अपनी लाइफ में कई उतार चढ़ाव झेल कर आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं।

उन्होंने कई फिल्मों के लिए लिखा है जैसे- फ़ना, रंग दे बसंती, तारे जमीन पर, ब्लैक, हम-तुम और दिल्ली 6। कई फिल्मों के लिए उन्हें कई अवार्ड्स भी मिले हैं।

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