भारत-पाकिस्तान विदेश सचिव बैठक पर जेटली का बयान, पढ़ें

Arun-Jaitley

नई दिल्ली। इस महीने 15 जनवरी को भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिव के बीच होने वाली बैठक पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बड़ा बयान दिया है। जेटली ने कहा है कि पठानकोट एयरबेस से आतंकवादियों के सफाये के लिए चलाये जा रहे अभियान के बाद ही इस बैठक के बारे में निर्णय लिया जाएगा।

अभियान के बाद ही होगा कोई फैसला
पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में अनेक मुद्दों के साथ आतंकवादी हमले के मुद्दे पर चर्चा होने के बाद जेटली ने कहा कि मेरा मानना है कि अभियान पूरा हो जाए और उसके बाद ही सरकार ऐसे मामलों में कोई विचार कर सकती है। जेटली से भारत-पाक वार्ता की योजना पर आतंकी हमले के असर के बारे में पूछा गया था।

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अभी स्थिति साफ नहीं
आतंकवादियों की पहचान के संबंध में पूछे गये सवाल पर उन्होंने कहा, कि मेरा मानना है कि अभी हम उस स्तर पर हैं जहां अभियान जारी है और इसलिए मेरे लिए इससे ज्यादा कुछ कहना उचित नहीं होगा जेटली ने कहा कि तलाशी अभियान में समय लग रहा है क्योंकि वायु सैनिक अड्डा बड़े परिसर में फैला है जिसका घेरा 24 किलोमीटर का है।

संभावित नुकसान को रोकने में रहे सफल
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल आतंकवादियों को एक इलाके तक सीमित करने में सफल रहे हैं और वायु सैनिक अड्डे पर किसी भी सामरिक संपत्ति को संभावित नुकसान को रोकने में कामयाब रहे हैं। धरपकड़ अभियान इसलिए लंबा हो रहा है क्योंकि वहां विस्फोटक हो सकते हैं।

कुशल प्रशिक्षित आतंकवादी थे
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये कुशल प्रशिक्षित आतंकवादी थे और आत्मघाती दस्ते का हिस्सा थे। जब इस तरह के फिदायीन हमले होते हैं तो बड़ा नुकसान होने की आशंका होती है। परिसर बहुत बड़ा है। वित्त मंत्री के मुताबिक चार आतंकवादियों के शव मिल गए हैं और दो और के शव खोजे जा रहे हैं।

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