PUBG Mobile के बाद अब इस गेम को बैन करने की मांग, जानिए वजह

 PUBG Mobile के भारत में बैन हो जाने के बाद यूजर्स इस गेम का दुबारा लुफ्त उठाने के लिए बड़ी बेशबरी से इंतजार कर रहे थे।

नई दिल्ली: PUBG Mobile के भारत में बैन हो जाने के बाद यूजर्स इस गेम का दुबारा लुफ्त उठाने के लिए बड़ी बेशबरी से इंतजार कर रहे थे। वहीं हाल ही में PUBG Mobile को नए अवतार और नए नाम के साथ भारत में प्री-रजिस्ट्रेशन के लिए उपलब्ध करा दिया गया है। PUBG Mobile अब Battlegrounds Mobile India नाम से जाना जाएगा और यूजर्स गूगल प्ले स्टोर पर जाकर इसके लिए प्री-रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। लेकिन अब लग रहा है कि लॉन्च से पहले ही यह गेम बैन हो सकता है और इसे बैन करने की मांग सोशल मीडिया पर उठने लगी है। आइए जानते हैं आखिर क्या है पूरा मामला?

बैन करने की मांग

आपको बता दें कि अरुणाचल प्रदेश के विधायक Ninong Ering ने हाल ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर Battlegrounds Mobile India गेम को भारत में बैन करने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में आरोप लगाया गया है कि Battlegrounds Mobile India गेम की लॉन्चिंग में गेम डेवलपर कंपनी क्रॉफ्टन भारतीय कानून को नजरअंदाज कर रही है।

इस चिट्ठी में लिखा है

Battlegrounds Mobile India का बैन करने की मांग करते हुए Ninong Ering ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ​चिट्ठी लिखी है और यह चिट्ठी ट्विटर पर भी शेयर की गई है। इसमें लिखा गया है कि यह कोई नया गेम नहीं है कि बल्कि PUBG Mobile को ही भारत में रिलॉन्च किया जा रहा है। यह कंपनी की एक ट्रिक है और इसके लिए Krafton India ने Tencent के ही कर्मचारियों की हायरिंग की है, जो कि एक चाइनीज टेक्नोलॉजी फर्म है। इस गेम को थोड़े-बहुत बदलाव के साथ भारत में रिलॉन्च किया जा रहा है. इस गेम के माध्यम से लाखों भारतीय नागरिकों को डाटा कलेक्ट कर उन्हें विदेशी कंपनियों और चीनी सरकार को सौंपा जाएगा. साथ ही यह कहा गया है कि Krafton की ओर से घरेलू गेमिंग फर्म Nodwin में करीब 22.4 मिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट किया गया है, जो कि गंभीर चिंता का विषय है.

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