गिलानी के निधन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री पर दर्ज हुई एफआईआर, शव के साथ

जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर के कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी का बीते बुधवार को निधन हो गया था। वहीं उनके शव को पाकिस्तानी झंडे से लपेटना में पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती गलत नहीं मानती हैं, जबिस मामले में उनपर केस दर्ज हुआ तो महबूब ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। जम्मू-कश्मीर में गिलानी के निधन के बाद उनके शव को पाकिस्तानी झंडे से लपेटा गया था सिर्फ इतना ही नही बल्कि वहां पर देश विरोधी नारे बभी लगाए जा रहे थे।

सैयद अली शाह गिलानी के शव को पाकिस्तानी झंडे से लपेटे जाने व देश विरोधी नारे लगने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो को संज्ञान में लेते हुए बडगाम पुलिस ने यूएपीए और आईपीसी के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि, जब पुलिस बॉडी को अपने कब्जे में लिया तो अलगाववादी नेता के करीबियों ने झंडे को हटा दिया।

एफआईआर दर्ज होने के बाद इस मामले की निंदा करते हुए महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट किया, ”कश्मीर को एक खुले जेल में बदल दिया गया है, अब मरे हुए लोगों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। एक परिवार को गम मनाने और अनकी मर्जी के मुताबिक विदाई देना की भी इजाजत नहीं है। गिलानी साहब के परिवार पर यूएपीए के तहत केस दर्ज करना भारत सरकार की निर्ममता को दर्शाता है। यह नए भारत का नया कश्मीर है।”

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