बेटे की मौत के बाद सड़क पर बने गड्ढे भरने का उठाया बड़ा कदम

नई दिल्ली:सड़क पर बने गड्ढे से हादसे में अपने तीन वर्षीय बेटे को खोने वाले मनोज वधवा ने दूसरों की जान बचाने के लिए सड़क पर बने गड्ढे भरने का अभियान शुरू किया है। इन गद्धो के कारण ही मनोज वधवा ने अपने पुत्र को खोया था|

राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाटा चौक के पास सड़क पर बने एक गड्ढे की वजह से छह साल पहले 10 फरवरी 2014 को मनोज वधवा ने अपने तीन वर्षीय बेटे पवित्र को खो दिया था। इसके लिए वे सरकारी अधिकारियों को दोषी मानते हुए कानून लड़ाई भी लड़ रहे हैं।

सोमवार को मनोज व उनकी पत्नी टीना उसी बाटा मोड़ पर पहुंचे जहां बने गड्ढे ने इनके बेटे की जान ली थी। मनोज व उनकी पत्नी ने सड़क किनारे कई गड्ढों को तारकोल डालकर भरा।

मनोज वधवा ने बताया कि 10 फरवरी 2014 को वह पत्नी टीना और 3 साल के बेटे पवित्र के साथ स्कूटर पर बाटा मोड़ से गुजर रहे थे। इस दौरान पानी से भरे एक गड्ढे में स्कूटर का पहिया जाने से वह अनियंत्रित होकर गिर गया।सड़कों में हुए गड्ढे के लिए नगर निगर, राजमार्ग प्राधिकरण, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी जिम्मेदार हैं।

दुर्घटना में बेटे को गंभीर चोटें आई और सड़क पर गिरी पत्नी टीना के पैरों को भी कोई अज्ञात वाहन ने कुचल दिया था। इस हादसे में पवित्र की मौत हो गई थी, जबकि पत्नी टीना के 23 ऑपरेशन हुए थे।

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