17 साल इंतजार के बाद कमाल ने बनाई वो फिल्म, जिसने रचा इतिहास

बॉलीवुड में जिस तरह के सेट्स आपको संजय लीला भंसाली की फिल्मों में नजर आते हैं वैसे ही सेट्स एक जमाने में कमाल अमरोही की फिल्मों में नजर आते थे. कमाल अमरोही ने महल से लेकर पाकीजा जैसी फिल्में बनाईं. जिन्हें आज भी उतना ही पसंद किया जाता है जितना उस दौर में किया जाता था. इस महान फिल्म निर्देशक की पुण्यतिथि पर बता रहे हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें और पाकीजा मूवी से जुड़ी कुछ अनसुनी बातें.

हिन्दी सिनेमा के इस शानदार फिल्ममेकर का जन्म 17 जनवरी 1918 में यूपी के अमरोहा में हुआ था. फिल्म इंडस्ट्री को कमाल ने महल (1949), पाकीजा (1972), रजिया सुल्तान (1983) जैसी बेहतरीन फिल्में दी. कमाल अमरोही को फिल्मों को उनके परफेक्शन के लिए जाना जाता था. वे छोटे-छोटे सीन्स पर ध्यान देते थे और उसे अपने विजन से बेहद खूबसूरत बना देते थे.

कमाल अमरोही के जीवन की सबसे सफल और लोकप्रिय फिल्म रही पाकीजा. फिल्म के सीन्स, कास्ट, संगीत, स्क्रीनप्ले और डायलॉग्स सब कुछ शानदार थे. मगर जब फिल्म बनकर तैयार हुई तो लाजवाब बनीं. फिल्म 4 फरवरी, 1972 को बनी. फिल्म की कास्ट की बात करें तो इसमें मीना कुमारी, राज कुमार के अलावा आशोक कुमार और नादिरा भी अहम रोल में थे.

फिल्म के निर्माता और निर्देशक तो कमाल अमरोही थे ही इसके अलावा उन्होंने फिल्म लिखी भी थी. फिल्म में मजरूह सुल्तानपुरी और कैफी आजमी के लिरिक्स थे. फिल्म का म्यूजिक गुलाम मोहम्मद और नौशाद ने दिया था. इसी वजह से आज तक की सबसे बड़ी कल्ट फिल्मों में गिना जाता है. इस फिल्म के साथ ये अफसोस और रहा कि इसकी रिलीज के एक महीने के अंदर ही मीना कुमारी का निधन हो गया. कमाल अमरोही की बात करें तो 11 फरवरी, 1993 को कमाल अमरोही ने दुनिया को अलविदा कहा.

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