वाशिंगटन के बाद अब एम्स्टर्डम में महात्मा गांधी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया

एम्स्टर्डम. वाशिंगटन डीसी  के बाद अब नीदरलैंड  की राजधानी एम्स्टर्डम में भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाए जाने का मामला सामने आया है. एम्स्टर्डम पुलिस के मुताबिक अज्ञात बदमाशों ने महात्मा गांधी की प्रतिमा को आपत्तिजनक चित्रों और स्प्रे पेंटिंग से विरूपित कर दिया है. अमेरिकी अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत के बाद दुनियाभर में विवादित स्मारकों पर हमला हो रहा है इसी क्रम में कुछ लोग महात्मा गांधी पर भी निशाना साध रहे हैं.


डच अखबार ‘मेट्रो’ के अनुसार एम्सटरडम में चर्चीलान पर गांधी की प्रतिमा को लाल रंग से ढक दिया और इसके नीचे ‘नस्लवादी’ टिप्पणी लिख दी गयी है. शहर के एक अधिकारी ने कहा, ‘जाहिर तौर पर हम किसी भी तरह की तोड़फोड़ के खिलाफ हैं और इन चीजों पर भद्दी पुताई पूरी तरह अस्वीकार्य है.’ उन्होंने बताया कि प्रतिमा को जल्द साफ कराया जाएगा. अभी यह पता नहीं चला है कि इस घटना के पीछे कौन है.

प्रतिमा की मरम्मत का काम करने वाली कुन्स्वाच के एक कर्मचारी ने कहा कि प्रतिमा को साफ करने के काम में घंटों लग सकते हैं. एक 75 वर्षीय शख्स ने बुधवार को प्रतिमा को विरूपित देखा और म्युनिसिपैलिटी को सूचना दी. उन्होंने बताया, ‘मैं 40 वर्षों से यहां रह रहा हूं और मैंने पहले ऐसा कभी नहीं देखा. मैं सालों से इस प्रतिमा को देख रहा हूं.’ गांधी की 121वीं जयंती के सम्मान में दो अक्टूबर 1990 को चर्चीलान में इस प्रतिमा का अनावरण किया गया था.

वाशिंगटन से शुरू हुआ सिलसिला

बता दें कि इससे पहले अमेरिका में भारतीय दूतावास के सामने स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा को ग्राफिटी और स्प्रे पेंटिग के जरिए नुकसान पहुंचाया गया था. इस घटना को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ‘अत्यंत निराशाजनक’ करार दिया था. इसके बाद अमेरिका के राजदूत केनेथ जस्टर ने गांधी की प्रतिमा के अपमान पर माफी भी मांगी थी. सांसद मार्को रुबियो ने इसे अराजकता फैलाने या अपने किसी मकसद को पूरा करने के लिए हिंसक अतिवादियों और तुच्छ सनकियों द्वारा वैध प्रदर्शनों पर डाका डालने वालों का काम बताया था. उत्तर कैरोलीना के सांसद ट़ॉम टिलिस ने कहा था कि डीसी में गांधी की प्रतिमा को हानि पहुंचता देखना अपमानजनक है.

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