पाकिस्‍तान में फ‍िर एक हिंदू मंदिर को बनाया निशाना, मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया

पाकिस्‍तान में हिंदू अल्‍पसंख्‍यकों का उत्‍पीड़न निरंतर जारी है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाया गया। यहां उग्र भीड़ ने मंदिर में तोड़फोड़ की और मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया। इसके पूर्व सिंध में ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर कुछ कट्टपंथी समूहों ने पत्‍थरबाजी की थी। इसके अलावा सिंध प्रांत में हिंदू लड़कियों के अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन की खबरें भी आती रही है।

इमरान सरकार के तमाम आश्‍वासन के बावजूद पाकिस्तान में हिंदू और अन्य धर्म स्थलों को नुकसान पहुंचाने का क्रम नहीं रूक रहा है। पाकिस्‍तान के सिंध प्रांत में एक हिंदू मंदिर पर कुछ लोगों ने हमला किया और तोड़फोड़ की। पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री कश्‍मीर को लेकर भारत सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। उन्‍होंने कई दफे यह आरोप लगाया है कि भारत में अल्‍पसंख्‍यकों के खिलाफ उत्‍पीड़न हो रहा है। जबकि खुद उनके देश में अल्पसंख्यकों के साथ उत्पीड़न की खबरें कम होती नहीं दिख रही हैं। कुछ दिन पहले ही ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर हुई पत्थरबाजी की निंदा पूरी दुनिया में हुई थी। अब इससे पहले सितंबर महीने में भी सिंध में ही एक और हिंदू मंदिर में कट्टरपंथियों ने तोड़फोड़ की थी।

पत्रकार नायला इनायत ने शेयर की तस्‍वीरें

सिंध प्रांत में मंदिर और मूर्ति को तोड़फोड़ की तस्‍वीरें पत्रकार नायला इनायत ने शेयर की है। उन्‍होंने घटना की तस्वीरें शेयर करते हुए ट्वीट किया है कि सिंध में अब एक और हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की गई है। थारपरकर के चाचरो में भीड़ ने माता रानी भातियानी मंदिर में पवित्र मूर्ति और ग्रंथों को नुकसान पहुंचाया गया है। पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के प्रार्थना स्थल और उत्पीड़न की घटनाएं आए दिन मीडिया में सुर्खियां बटोरती रहती हैं। सिंध प्रांत से हिंदू लड़कियों को अगवा कर जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कुछ घटनाएं भी चर्चा में रही थीं।

ननकाना साहिब गुरुद्वारे को बनाया निशाना 

कुछ माह पूर्व पाकिस्‍तान में सिखों के पवित्र स्थल ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर भी कुछ लोगों ने पत्थरबाजी की थी। करतारपुर कॉरिडोर खुलने के बाद से दुनिया भर से बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु इस साल ननकाना साहिब पहुंच रहे हैं। इस घटना की निंदा पूरे विश्व में हुई जिसके बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भी इसकी निंदा की थी। भारत में भी इस घटना के विरोध में प्रदर्शन हुए थे।

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