आप वो नहीं कर सकते, जो आगरा का रघुवीर कर सकता है

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आगरा। आप यूपी में रहते हैं तो आगरा के रघुवीर सिंह आपके लिए गर्व का विषय हो सकते हैं। महज 28 बरस के इस नौजवान की जिंदगी का लक्ष्‍य दूसरों की जान बचाना है। रघुवीर भारतीय सेना या पुलिस के जवान नहीं हैं। बल्कि वो तो जरूरत पड़ने पर इनकी भी मदद कर सकते हैं।

रघुवीर मरते लोगों की अपना लहू देते हैं। उन्‍हें जिंदगी देते हैं। 40 से अधिक बार अपना लहू दे चुके रघुवीर काे आज देश-दुनिया के लोग जानते हैं। उन्‍होंने अपनी एक टीम बनाई है, जो देश में कहीं भी-किसी को भी जरूरत पड़ने पर खून मुहैया कराती है। वह भी बिना किसी कीमत के।

फेसबुक ने दी मुहिम चलाने की सीख
रघुवीर सिंह का कहना है कि 2008 में उनके एक मित्र की मां की तबियत खराब थी। उन्हें ब्लड की सख्त जरूरत थी। काफी प्रयास के बाद भी उनके ग्रुप का रक्त नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद उन्होंने फेसबुक पर लोगों से सहायता मांगी। वहां कई रक्तदानी मिले। अपने मित्र की मां के लिए ब्लड की जरूरत को तो पूरा कराया। इसके साथ ही एक सोच बना ली कि अब रक्त की कमी को लेकर कोई परेशान नहीं होगा, किसी की जान नहीं जाएगी। इसी सोच के साथ उन्होंने जीवन रक्षक नाम से एक सोसाइटी की स्थापना की, जिसमें उनके साथ 15 लोग जुड़े।

दाम नहीं नाम कमाया
जीवन रक्षक सोसाइटी की शुरुआत फेसबुक से हुई। किसी को भी ब्लड की जरूरत पड़ती तो इस सोसाइटी से संपर्क करता। दो वर्ष में नाम इस कदर हुआ कि आगरा के साथ अलीगढ़, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा में भी इस संस्था का नाम हो गया। लोगों की सहायता करने का कारवां जो कुछ लोगों से शुरू हुआ, वह हजारों में पहुंच गया। इसके बाद भी जीवन रक्षक सोसायटी के कदम थमे नहीं। जैसे-जैसे लोग जुड़ते गए, सेवा का यह संकल्प और मजबूत होता गया।

डेढ़ लाख लोगों का साथ
आज सात वर्ष बाद जीवन रक्षक का नाम पूरे देश में फैल चुका है। पूरे देश में डेढ़ लाख लोग इस सोसाइटी से जुड़े हैं। रघुवीर सिंह बताते हैं कि पूरे देश में कहीं भी ब्लड की जरूरत पडे, संस्था के लोगों द्वारा वहीं पर ब्लड उपलब्ध करा दिया जाता है।

विदेशी भी जुड़े इस मुहिम में 
रघुवीर सिंह का कहना है कि रक्तदान की इस मुहिम में देशवासी ही नहीं, बल्कि विदेशी मेहमानों का भी उन्हें सहयोग मिलता है। कुछ माह पहले बी पॉजीटिव रक्त की जरूरत थैलेसीमिया के बच्चों को पड़ी थी, कहीं भी रक्त की व्यवस्था नहीं हो रही थी। केन्या के तीन विदेशी मेहमानों ने अपना रक्त इन बच्चों के लिए दिया।

थैलेसीमिया के 25 बच्चे लिए गोद
जीवन रक्षक सोसाइटी ने थैलेसीमिया से ग्रसित 25 बच्चों को गोद लिया है। इनके लिए हर माह ब्लड की व्यवस्था सोसाइटी के लोगों द्वारा ही कराई जाती है। रघुवीर सिंह ने बताया कि इन बच्चों के लिए ब्लड देने के लिए दानदाता स्वयं ही आगे आ जाते हैं। इसके साथ ही अभी कभी ऐसा नहीं लगता कि रक्तदान कराने के लिए किसी से बहुत आग्रह किया जाए।

फेसबुक और वॉट्सऐप से होती है मदद
रघुवीर सिंह ने बताया कि हमारे पास लोगों की गुहार अभी तक तो फेसबुक के माध्यम से पहुंचा करती थी। फेसबुक पर हमारा जीवन रक्षक नाम से पेज बना हुआ है, जिस पर संस्था की पूरी डिटेल हैं। कोई भी फरियाद जब यहां आती तो उसे सोसाइटी के सदस्यों द्वारा देख लिया जाता है। इसके बाद संबंधित व्यक्ति का नाम पता जानकर उससे संपर्क करते हैं और उसके लिए रक्त की व्यवस्था कराई जाती है। इसके साथ ही जीवन रक्षक नाम से आठ वॉट्सऐप ग्रुप भी बनाए गए हैं।

100 जम्बो पैक की कराई व्यवस्था 
सोसाइटी के शुभम चतुर्वेदी ने बताया कि हाल ही में जब डेंगू का प्रकोप बढ़ा, तो ब्लड को लेकर काफी मारामारी थी। ऐसे में आगरा में संस्था द्वारा विभिन्न पीड़ितों को 100 जम्बो पैक की व्यवस्था कराई। देश भर के लोगों का भरोसा जीवन रक्षक
जीवन रक्षक नाम से शुरू की गई यह मुहिम एक दिन इतना आगे बढ जाएगी, शायद इसके बारे में किसी ने नहीं सोचा था। आज जीवन रक्षक के फेसबुक पेज पर दिल्ली, मुम्बई, निजामाबाद, भुवनेश्वर, हैदराबाद, अमृतसर, गुडगांव, कोटा, हरियाणा, पंजाब आदि जगह से ब्लड की जरूरत के लिए लोग मदद मांगते हैं। मदद करने के बाद फेसबुक पेज पर इनकी स्टोरी को भी शेयर किया जाता है।

यहां करें संपर्क

रघुवीर सिंह का मोबाइल नम्बर है- 9837585087… सोसाइटी के संरक्षक प्रखर समाजसेवी अशोक जैन सीए हैं। रघुवीर की टीम में रघुवीर सिंह, शुभम चतुर्वेदी, अखिल जैन, मानव कालरा, अवनीश वर्मा, अजीत शर्मा, सचिन गौड़ शामिल हैं।

 

 

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