कृषि मंत्री ने कहा- उत्तराखंड में पलायन रोकने के लिए मसरूम उत्पादन जरुरी

उत्तराखंड के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने गुरुवार को विधान सभा भवन स्थित सभा कक्ष में औद्यौगिक हैम्प खेती से सम्बन्धित नियमावली 2020 एवं मसरूम उत्पादन के सम्बन्ध में बैठक में कहा कि प्रदेश में औद्योगिक हैम्प खेती की पर्याप्त सम्भावनाएं है।

देहरादून: उत्तराखंड के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने गुरुवार को विधान सभा भवन स्थित सभा कक्ष में औद्यौगिक हैम्प खेती से सम्बन्धित नियमावली 2020 एवं मसरूम उत्पादन के सम्बन्ध में बैठक में कहा कि प्रदेश में औद्योगिक हैम्प खेती की पर्याप्त सम्भावनाएं है। जिसके माध्यम से नौजवानों के लिए स्वरोजगार के अवसर भी बढेंगे तथा किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

उनियाल ने कहा प्रदेश में किस तरह औद्योगिक हैम्प की संभावना है तथा उसको किस तरह से धरातल में लाया जाय, इस पर ध्यान केंद्रित किया जाये। उन्होंने कहा कि औद्योगिक हैम्प के प्रोसोसिंग से जुड़े लोग भी लगातार संवाद कर रहे है तथा किसान भी औद्योगिक हैम्प की खेती के माध्यम से अपनी आर्थिकी मजबूत करना चाहता है। साथ ही इसके प्रोत्साहन से यहां उपलब्ध बंजर भूमि का उपयोग किया जा सकता है तथा औद्योगिक हैम्प की विश्व में भी मांग हो रही है, किन्तु इस सम्बन्ध में कोई नियमावली नही है। उन्होंने कहा कि इस नियामवली को आगामी कैबिनेट में लाया जायेगा। जो औद्योगिक हैम्प की सम्भावना को धरातल पर लाकर राज्य की आर्थिकी को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य में मसरूम उत्पादन की पर्याप्त सम्भावनाएं है। इसके माध्यम से युवाओं को अधिक से अधिक स्वरोजगार दिया जा सकता है। उनका कहना था कि लगभग ढाई लाख प्रवासी प्रदेश में लौटे है तथा राज्य में पलायन रोकने के लिए मसरूम उत्पादन सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मसरूम में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ कर उनकी आर्थिकी को मजबूत किया जा सकता है।

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उनियाल ने कहा कि बागवानी मिशन के माध्यम

उनियाल ने कहा कि बागवानी मिशन के माध्यम से बहुत कम युवाओं को लाभान्वित किया गया है, उन्होंने कहा कि युवाओं को मसरूम की प्रोसोसिंग में लगा कर उनकों आर्थिक रूप से सृदढ़ किया जायेगा। उन्होंने कहा कि शीध्र मुख्यमंत्री मसरूम विकास योजना के अन्तर्गत लगभग बीस हजार युवाओ को स्वरोजागार प्रदान किया जायेगा। इसके लिए उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को ठोस कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिये है।

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स्पान की सीमा 25 किलो से बढ़ा

उन्होंने किसानों द्वारा स्पान की सीमा 25 किलो से बढ़ा कर 50 किलो तथा मसरूम उत्पादकों के लिए खाद की सीमा 25 किलो से बढ़ा कर 50 किलो किये जाने को व्यवहारिक बताते हुए अधिकारियों से आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। बैठक में कृषि सचिव हरबश सिह चुघ तथा संगंध पौध केन्द्र के डाॅ. नृपेन्द्र चौहान नोडल अधिकारी हैम्प उपस्थित थे।

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