मकर संक्रांति तक सामने आ जायेंगे अजय भट्ट की टीम के जांबाज

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देहरादून। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए बीजेपी ने कप्तान के तौर पर अजय भट्ट को कमान तो सौंप दी है, लेकिन भट्ट के सामने सबसे बड़ी चुनौती मजबूत और भरोसेमंद टीम को तैयार करना है। चुनावी नैया पार लगाने के लिये भट्ट को जातीय, क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ गुटीय समीकरण की अंदरूनी चुनौती से भी निपटना होगा। इन सभी बातों को देखते हुए माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर भट्ट की अग्निपरीक्षा शुरु हो गयी है। वहीं पार्टी हाईकमान ने 10 दिन में नयी कार्यकारिणी तय करने के निर्देश दिये हैं। जिससे एक बात साफ होती दिख रही है कि मकर संक्रांत्रि तक नयी टीम की घोषणा हर हाल में हो जायेगी।

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भाजपा हाईकमान ने उत्तराखंड में प्रदेश अध्यक्ष पद पर नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट की ताजपोशी करते हुए प्रदेश में अपनी द्वितीय पंक्ति के नेताओं पर भरोसे की मुहर लगाई। लेकिन सबसे अहम सवाल यह है कि प्रदेश भाजपा की नई टीम बनाने में भी हाईकमान अपना यह भरोसा कायम रख सकेगा। हालांकि, बीते 31 दिसंबर को नए कप्तान की घोषणा के ठीक बाद राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिवप्रकाश ने पार्टी के अनुभवी नेताओं और पदाधिकारियों से राय मशविरा के बाद ही कोई फैसला लेने की सलाह दी है।

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दरअसल, दिल्ली और बिहार में मिली हार के बाद 2017 में यूपी और उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव बीजेपी हाईकमान के लिए भी अहम हो गए हैं। केंद्रीय नेतृत्व इन दोनों राज्यों में चुनावी मोर्चे पर कोई गलती या ढील करने के मूड में नहीं दिख रहा। ऐसे में माना जा रहा है कि उत्तराखंड बीजेपी की नई टीम में अंदरूनी सियासी समीकरण के दबाव के बजाय योग्यता, सक्रियता, निष्ठा और क्षमता को प्रमुखता दी जायेगी।

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भाजपा के नए कप्तान अजय भट्ट को नई टीम में परंपरागत रूप से अनुभव, युवा और महिला शक्ति का सही तालमेल बैठाना होगा। इसके साथ ही दलित, अल्पसंख्यक जैसे समाज के सभी वर्गो को भी प्रतिनिधित्व देना होगा। इनके अलावा सबसे बड़ी चुनौती अंदरूनी गुटीय संतुलन को लेकर मानी जा रही है। बीते कुछ सालों में उत्तराखंड बीजेपी की अंदरूनी सियासत तीन दिग्गजों खंडूड़ी, कोश्यारी और निशंक के इर्दगिर्द ही घूमती रही है। इस बार पार्टी के प्रदेश संगठन का नया स्वरूप तय करने में इस ‘त्रिमूर्ति’ का दखल रहेगा या नहीं, या उनकी कितनी सुनी जायेगी यह भी सबसे बड़ा और खास सवाल है।

 

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