अखाड़ा परिषद ने घोषित किया फर्जी बाबा तो भड़के चक्रपाणि महाराज

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लखनऊ। इलाहाबाद स्थित अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने शुक्रवार को फर्जी बाबाओं की लिस्ट जारी की। इस लिस्ट में हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज और श्री कल्कि फाउंडेशन के संस्थापक और कांग्रेस के सदस्य आचार्य प्रमोद कृष्णम का नाम भी शामिल था। अखाड़ा की यह तीसरी लिस्ट थी।

चक्रपाणि महाराज

इन बाबाओं को फर्जी बताते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने कहा कि ये दोनों बाबा सन्यासी परम्परा से नहीं आते। इस बैठक में कुम्भ को लेकर भी प्रस्ताव पास किए गए। न्यूज18 से बातचीत करते हुए फर्जी बाबाओं की सूची में शामिल होने वाले स्वामी चक्रपाणि महाराज ने अखाड़ा परिषद और उसके महंत नरेंद्र गिरी को ही फर्जी करार दे दिया।

उन्होंने कहा कि दरअसल जब दूसरी सूची जारी हुई थी तभी मैंने कहा था कि अखाड़ा परिषद और नरेन्द्र गिरी खुद फर्जी हैं। उनका और उनके अखाड़े का कोई रजिस्ट्रेशन तो है ही नहीं। फिर काहे का अखाड़ा ? अब व्यक्ति जब पागल ही हो जाए तो उसे क्या कहना। वह तो किसी पर भौंक सकता है।

स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि जब दूसरी सूची जारी हुई थी, जिसमे आशाराम बापू समेत कई लोगों के नाम शामिल थे तब भी मैंने उन्हें चेतावनी दी थी। मैंने कहा था कि मैं संत समाज का अध्यक्ष हूं, अगर फिर ऐसा हुआ तो संत समाज से बाहर कर दूंगा। अब मैं अखाड़ा परिषद् और उसके महंत नरेंद्र गिरी को ही बाहर कर दूंगा।

आपको बता दें कि 2014 में कांग्रेस के टिकट पर संभल से चुनाव भी लड़ चुके आचार्य प्रमोद कृष्णम काल्किम संभल के पीठाधीश्वर हैं। इनका नाम भी फर्जी बाबा की लिस्ट में शामिल है। आपको बता दें कि इससे पहले सितम्बर महीने में भी अखाडा परिषद ने 14 बाबाओं की फर्जी लिस्ट जारी की थी।

इस लिस्ट में परिषद ने संत आसाराम, राधे मां, सच्चिदानंद गिरी, गुरमीत राम रहीम, निर्मल बाबा, इच्छाधारी भीमानंद, असीमानंद और नारायण साईं, रामपाल, आचार्य कुशमुनि, वृहस्पति गिरी, मलखान सिंह के नामों को फर्जी बाबाओं की नाम शामिल किया था।

वहीं दूसरी सूची में दिल्ली के वीरेंद्र देव दीक्षित, बस्ती के सच्चिदानंद सरस्वती और इलाहाबाद की महिला संत और परी अखाड़े की स्वयंभू महामंडलेश्वर त्रिकाल भवंता के नाम शामिल थे। वहीं अलवर के फलहारी बाबा को भी अखाडा से निलंबित कर दिया गया था।

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