अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत की संदिग्ध परिस्थितियों मौत, पास में मिला सुसाइड नोट

प्रयागराज: साधु संतों की सबसे बड़ी संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि का संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया है। सूत्रों के अनुसार उनका शव अल्लापुर बाघंबरी गद्दी स्थित आश्रम के कमरे में फांसी के फंदे से लटकता मिला है। आईजी केपी सिंह सहित तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। यह हत्या है या आत्महत्या, इसके पीछे के कारणों का खुलासा अभी नहीं हो सका है।

बताया जा रहा है कि महंत नरेंद्र गिरी का कमरा अंदर से बंद मिला था जिसके बाद शक होने पर उसे खोला गया तो अंदर उऩका शव मिला। उनके पास से एक सुसाइड नोट भी पुलिस को मिला है। जिसमें मानसिक तौर से परेशान होने का जिक्र भी किया गया है, इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। फिलहाल फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच चुकी है। भारी पुलिस फोर्स घटनास्थल पर मौजूद है।

8 पेज का लिखा सुसाइड नोट

एडीजी लॉ एंडा ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया है कि उनका सुसाइड नोट 8 पेज का मिला है। इसके मुताबिक, वे लंबे समय से परेशान चल रहे थे। सुसाइड नोट को देखकर लगता है कि महंत नरेंद्र गिरी आत्महत्या करने की पहले से तैयारी कर रहे थे क्योंकि उन्होंने आठ पन्नों के सुसाइड नोट में पूरी जानकारी भी दी है। उन्होंने लिखा कि मैं अपने पुराने रिश्तों से परेशान हूं। मानसिक तौर से आनंद गिरी मुझे परेशान कर रहा था। इसके अलावा उन्होंने लिखा कि मैं अपनी जिंदगी शान से जिया और अब शान से मरना भी चाहता हूं।

वसीयत भी लिखी

आईजी प्रयागराज केपी सिंह ने बताया कि नरेंद्र गिरी ने वसीयत की तरह भी सुसाइड नोट में कुछ पन्ने लिखे हैं। उन्होंने बताया है कि किस शिष्य को क्या मिलना चाहिए और कौन अच्छा है। उन्होंने बताया कि सुसाइड नोट की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। नरेंद्र गिरी की आत्महत्या की सूचना पुलिस को उनके शिष्य बबलू ने दी थी। उन्होंने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि उन्होंने अपनी जिंदगी जी ली है।

आनंद गिरी को हिरासत में लिया

ADG प्रशांत कुमार ने बताया आनंद गिरी को हरिद्वार से हिरासत में लिया गया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी के सुसाइड नोट में शिष्य आनंद गिरी का ज़िक्र किया था।

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