भाजपा को घेरने साइकिल से निकले अखिलेश, बेरोजगारी व महंगाई के खिलाफ निकाली यात्रा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में होने वाले 2022 विधानसभा चुनाव से पहले सभी पार्टी कड़ी मेहनत करना शुरू कर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को वरिष्ठ नेता जनेश्वर मिश्र की जयंती पर बेरोजगारी, तेल की बढ़ती कीमतों, किसान कानून और अन्य कई मुद्दों को लेकर योगी सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए साइकिल यात्रा निकाली है। अखिलेश यादव खुद इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे थे।

साइकिल यात्रा से पहले भाजपा को घेरा

अखिलेश यादव ने लखनऊ से समाजवादी पार्टी मुख्यालय में साइकिल यात्रा करने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि हम उत्तर प्रदेश को नई दिशा देना चाहते हैं और आज के दिन हम उन लोगों को भी याद करते हैं जो इस कोरोना काल की वजह से हमारे बीच नहीं रहे। सरकार की यह सबसे बड़ी विफलता साबित हुई है कि ऑक्सीजन की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोग मारे गए। इसलिए जनता में नाराजगी है और हो सकता है कि आने वाले समय मे यही जनता समाजवादी पार्टी को 400 सीट पर जितवा देगी।

डिंपल यादव ने दिखाई हरि झंडी

प्रेस कांफ्रेंस समाप्त करके अखिलेश यादव अपनी साइकिल से यात्रा करते हुए जनेश्वर मिश्रा पार्क की तरफ निकले। उनकी पत्नी डिंपल यादव ने साइकिल यात्रा को हरी झंडी दिखाई, जो उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के तहसील स्तर तक निकाली गई।

चुनाव आते ही याद आए दलित और मुस्लिम

अखिलेश ने भाजपा को घेरते हुए कहा कि बीजेपी ने अभी तक अपना मैनिफेस्टो नहीं खोला और यह लोग मनी फेस्टो बनाते हैं। चुनाव करीब आते ही इन्हें दलित और मुस्लिम याद आने लगे है। इसलिए कोई इन्होंने काम नहीं किया सिवाय लोगो को जेल भेजने के। बीजेपी को अपना काम तो करना आता नहीं बस सपा के काम का उद्घाटन नाम बदलकर किया जाता है उन्हीं का फीता काट रहे और अपराधियों का स्वागत कर रहे हैं। पंचायत चुनाव में अध्यापकों की बलि देने में बीजेपी नंबर वन, रोजगार मांगने वाले नौजवानों पर लाठी चलाने वालों में नंबर वन। विभिन्न लोगों को जेल में डालने में नंबर वन।

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