दलित राजनीति को साधने में जुटे Akhilesh Yadav, बनाएंगे बाबा साहेब वाहिनी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में दलित राजनीती को साधने की जुगत में समाजवादी पार्टी जुट गई है। Akhilesh Yadav ने 14 अप्रैल बाबा साहब भीमराव आंबेडकर जयंती के उपलक्ष में दलित दिवाली मानाने का ऐलान किया था। अब समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने बाबा साहेब वाहिनी बनाने का ऐलान किया है। अभी तक उत्तर प्रदेश में दलित वोटों पर मायावती को काबिज माना जा रहा था।

बता दें की 2012 से पहले मायावती का राजनीती में जाती के आधार पर दलित वोटों का ग्राफ आसमान छू रहा था, पर 2012 के बाद से ये ग्राफ धीरे-धीरे नीचे गिरना शुरू हुआ। 2014 में भाजपा कुछ हद तक मायावती के दलित वोट बैंक में सेंध लगाने में सफल रही। वहीँ, 2019 में चुनाव के परिणाम आने के बाद ऐसा लगा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को रिप्लेस करके बहुजन समाज पार्टी दूसरे नंबर पर नज़रयेगी पर मायावती का सड़क पर न उतरना ऐसा नहीं कर पाया। उनका भाजपा के खिलाफ ढीला रवईया दिखा जिसके लिए वो कत्तई नहीं जानी जाती हैं। ऐसे में मायावती के सक्रिय न होने के चलते उनके दलित वोटबैंक को साधने के लिए समाजवादी पार्टी ने कोशिशें तेज कर दी हैं।

दलित दिवाली मानाने का ऐलान

समाजवादी पार्टी के मुखिया Akhilesh Yadav यादव ने बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल को दलित दिवाली मानाने का ऐलान किया है। इस दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय स्तर से लेकर कस्बों तक काम करने वाले कार्यकर्ता अपने घरों में दीप जलाकर बाबा साहब को नमन करेंगे।

Akhilesh Yadav बनाएंगे बाबा साहेब वाहिनी

वहीँ अखिलेश ने अब समाजवादी लोहिया की तरह बाबा साहेब वाहिनी बनाने का ऐलान किया है। ऐसा कहा जा रहा है समजवादी पार्टी का ये ऐलान प्रदेश में दलित वोटों को साधने की कवायद में है। अखिलेश यादव का इस ऐलान के जरिये ये बताना चक रहे कि दलित प्रेम कोई नया नहीं है ये उनके दल के मूल सिद्धांतों और पार्टी की विचार धारा में शामिल है। अखिलेश यादव ने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया और बाबा साहेब ने मिलकर काम करने का संकल्प लिया था और अगर सपा अंबेडकर के अनुयायियों को गले लगा रही है तो बीजेपी और कांग्रेस को इतनी तकलीफ क्यो हो रही है?

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