मुन्ना बजरंगी की हत्या से बढ़ा यूपी का सियासी पारा, अखिलेश ने योगी सरकार को ठहराया जिम्मेदार

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की बागपत जेल में हुई कुख्यात बदमाश मुन्ना बजरंगी की हत्या मामले ने सूबे की राजनीतिक सियासत में भूचाल ला दिया है। एक तरफ जहां बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने मुन्ना बजरंगी की मौत के बाद एक बड़ा फैसला लेते हुए उसपर रंगदारी मांगने का आरोप लगाने वाले पार्टी के पूर्व विधायक को पार्टी से निष्कासित कर दिया था। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस हत्याकांड मामले को लेकर योगी सरकार को आड़े हाथों लिया है।

दरअसल, अखिलेश यादव ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। इससे पहले मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने केंद्रीय रेलमंत्री मनोज सिन्हा और पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत बीजेपी के कई बड़े नेताओं पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था।

आपको बता दें कि यूपी के माफिया डॉन प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप में बागपत कोर्ट में मुन्ना बजरंगी की पेशी होनी थी। मुन्ना बजरंगी रविवार को झांसी से बागपत लाया गया था।  बताया जा रहा है कि सुनील राठी नाम के एक अन्य बदमाश ने मुन्ना बजरंगी को गोली मारी थी।

उसे 10 गोलियां मारी गईं। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एडीजी जेल ने बागपत के जेलर, डिप्टी जेलर, जेल वॉर्डन और दो सुरक्षाकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था। उत्तर प्रदेश समते कई राज्यों में मुन्ना के खिलाफ मुकदमे दर्ज थे।

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