अलकायदा का भारत का मुखिया गिरफ्तार

0
Maulana-Asim-Umar
Maulana-Asim-Umar

लखनऊ। दिल्ली पुलिस ने  दावा किया है कि उन्होंने चरमपंथी संगठन अल-क़ायदा के भारतीय उप-महाद्वीप के संस्थापकों में से एक को गिरफ़्तार कर लिया है। यह जानकारी दिल्ली पुलिस की एक प्रेस विज्ञप्ति में दी गयी।

केंद्रीय ख़ुफ़िया एजंसियों और उत्तर प्रदेश आतंक-निरोधी दस्ते के साथ दिल्ली पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में पकड़े गए इस शख़्स का नाम मोहम्मद आसिफ़ बताया गया है। पुलिस के मुताबिक़ ये उत्तर प्रदेश के संभल इलाके का रहनेवाला है।

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के स्पेशल कमिश्नर अरविंद दीप ने बीबीसी को बताया कि आसिफ़ के साथ दो और संदिग्ध लोगों को भी पकड़ा गया है। उन्होंने कहा, “आसिफ़ को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर इलाके से गिरफ़्तारी किया गया, इसके अलावा हमने उत्तर प्रदेश के संभल इलाके में रहनेवाले एक और शख़्स ज़फर मसूद को भी दिल्ली से गिरफ़्तार किया। तीसरे संदिग्ध व्यक्ति, अब्दुर-रहमान को उड़ीसा के कटक से गिरफ्तार किया गया है।”

अरविंद दीप के मुताबिक ये चरमपंथी संगठन अल-क़ायदा से जुड़े किसी भारतीय की पहली गिरफ़्तारी है। अदालत ने आसिफ़ समेत तीनों संदिग्धों को 12 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

Teacher
Teacher

इससे पहले आयी खबरों में कहा गया था कि उड़ीसा के कटक में बुधवार को अलकायदा के आतंकी मोहम्मद आसिफ और मौलाना रहमान को पुलिस द्वारा पकड़ा गया है।

पकड़े गए आतंकियों ने इस बात का खुलासा किया है कि भारतीय उपमहाद्वीप का अलकायदा हेड सनाउल हक उत्तरप्रदेश के संभल का निवासी है। इसे मौलाना आसिम उमर के नाम से जाना जाता है। इसे कटक से पकड़े जाने के बाद जब पूछताछ की गई तो पूछताछ में आश्चर्यजनक जानकारियां सामने आईं।

दरअसल यह बात सामने आई कि मौलाना अब्दुल रहमान को दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम और कटक पुलिस द्वारा संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा गया। इस बात को लेकर उन्हें आश्चर्य हुआ कि रहमान ने देवबंद से अरबिक और इस्लाम में पीएचडी की डिग्री हासिल की। हालांकि वह कटक के एक तंग क्षेत्र में मदरसा भी संचालित करता है।

एक प्रमुख समाचार पत्र में समाचार प्रकाशित हुआ। जिसमें यह दावा किया गया कि लगभग 5 ऐसे भारतीय हैं जो नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। इसे पाकिस्तान द्वारा चलाया जा रहा है।

आसिफ ने दिल्ली पुलिस को बताया कि वह सनाउल हक के साथ ही रहा है वर्ष 2012 में हक के साथ ईरान के रास्ते वह पाकिस्तान पहुंचा था। उसके दो बच्चे हैं। बीमार होने के बाद वह भारत आ गया। इसके बाद वह नए लोगों को जिहाद के लिए उकसाने लगा था।

अमेरिका द्वारा दावा किया गया कि इस वर्ष की कार्रवाई में अफगानिस्तान में अलकायदा के बड़े प्रशिक्षण कैंप को नष्ट कर दिया गया है। इस प्रशिक्षण कैंप में भारतीय उपमहाद्वीप से प्रशिक्षण लेने के लिए कुछ जिहादी पहुंचे थे। इनमें से 150 आतंकी मारे गए।

ओडिशा के कटक के मदरसे में दहशतगर्दी के लिए बच्चों को आतंक का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षक अब्दुर रहमान को दिल्ली पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से हिरासत में लिया। साथ ही आरोपी के घर पर सुरक्षा का पुख्ता बंदोबस्त कर दिया गया और युवक से पूछताछ चल रही है जानकारी के मुताबिक आरोपी युवक ओडिशा के कटक शहर के समीप जगतपुर थाना इलाके के पश्चिम कच्छ गांव का रहने वाला है। युवक अपने गाव से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर मदरसा चलाता था। आरोप है की युवक झारखण्ड के 75 गरीब बच्चों को दहशतगर्दी और आतंक का पाठ पढ़ा रहा था। इन बच्चो को किसी से मिलने के लिए अनुमति नही दी जाती थी। मदरसा गांव से दूर था इस वजह से बच्चो के घर वालो को पता नही चला।

loading...
शेयर करें