अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का शताब्दी समारोह

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी आज यानी 22  दिसंबर को अपना 100 साल पूरा होने की ख़ुशी मना रहा है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए

अलीगढ़: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) वह नाम जो हर पढ़ने वाले बच्चो का सपना होती है,जिसमे देश के साथ-साथ विदेश से भी पढ़ने वालो को दिलचस्पी है। यहाँ से पढ़ कर निकले हुए स्टूडेंट्स देश ही नहीं बल्कि दुनिया के कोने-कोने में मौजूद है। जी हाँ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की तारीख बेहद दिलचस्प है।

AMU आज यानी 22  दिसंबर को अपना 100 साल पूरा होने की ख़ुशी मना रहा है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। पिछले 50 साल में यह पहला अवसर है जब प्रधानमंत्री अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के किसी कार्यक्रम को संबोधित किया। इससे पहले 1964 में तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने एएमयू के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया था।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना

आपको बतादें अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना साल 1875 में सर सैयद अहमद खान ने की थी। पहले यह मुस्लिम एंग्लो ओरिएंटल कालेज हुआ करता था क्योकि उस वक्त प्राइवेट यूनिवर्सिटी बनाने की परमिशन नहीं मिलती थी। जिसके बाद दिसंबर 1920 में इसी कॉलेज को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाया गया।

सर सैयद अहमद खान वह नाम जिन्हे कोई मुसलमानो का लीडर तो कोई महान समाज सुधारक कहता है। सैयद अहमद खान वह हिन्दुस्तानी शिक्षक और नेता थे जिन्होंने भारत के मुसलमानों के लिए आधुनिक शिक्षा की शुरुआत की। जानकारी के लिए बतादें कि सर सैयद अहमद खान द्वारा बनाई गई AMU  कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की तर्ज पर ब्रिटिश राज के वक़्त बनाया गया पहला सबसे बड़ा शिक्षण संस्थान था। और आज भी AMU भारत की टॉप यूनिवर्सिटी में से एक है।

इतनी बड़ी है यूनिवर्सिटी

15 विभागों से शुरू हुई AMU में आज 108 विभाग हैं। करीब 1200 एकड़ में फैली यूनिवर्सिटी में 300 से ज्यादा कोर्स हैं। यहां आप नर्सरी में एडमिशन लेकर पूरी पढ़ाई कर सकते हैं. यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड 7 कॉलेज, 2 स्कूल, 2 पॉलिटेक्निक कॉलेज के साथ 80 हॉस्टल हैं।

यहां 1400 का टीचिंग स्टाफ है और 6000 के करीब नॉन टीचिंग स्टाफ है। यूनिवर्सिटी के कई कोर्स में सार्क और राष्ट्रमंडल देशों के छात्रों के लिए सीटें रिज़र्व हैं, औसतन हर साल लगभग 500 फॉरेन स्टूडेंट्स एएमयू में एडमिशन लेते हैं।

देश के कई बड़े नाम AMU से पढाई कर चुके है। AMU से शिक्षा प्राप्त कर चुके स्टूडेंट्स राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति के साथ-साथ दूसरे देशों में भी सत्ता की शीर्ष भूमिका तक पहुंचे हैं। देश के तीसरे राष्ट्रपति डॉ.जाकिर हुसैन और खान अब्दुल गफ्फार खान को भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है।

एएमयू से पढ़े हामिद अली अंसारी देश के उप राष्ट्रपति रहे। वहीं, पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान भी एएमयू से पढ़े थे। एएमयू के पूर्व छात्रों में पूर्व क्रिकेटर लाला अमरनाथ, कैफी आजमी, राही मासूम रजा, गीतकार जावेद अख्तर, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह आदि बड़े चेहरे भी शामिल हैं।

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