पीएनबी घोटाले में लगे सारे आरोप गलत: मेहुल चोकसी

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नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से धोखाधड़ी कर 3,500 करोड़ रुपये लेकर विदेश भागे मेहुल चोकसी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा कि ‘इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं होने से इनकार किया है।’ भगोड़ा हीरा व्यापारी भारतीय जांच एजेंसियों का वांछित अपराधी है। चोकसी ने अपने वकील डेविड डोरसेट के माध्यम से कहा, “मैं स्पष्ट रूप से कह सकता हूं कि इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।”

24 जुलाई या इसी के आसपास ‘सिटीजनशिप बाइ इन्वेस्टमेंट यूनिट’ (सीआईयू) ने भारतीय अधिकारियों और मीडिया द्वारा चोकसी के खिलाफ लगाए गए कुछ आरोपों पर एक भारतीय मीडिया आउटलेट रिपोर्टिग से ऑनलाइन कहानी के जवाब में एक प्रेस बयान जारी किया।

बुधवार को जारी हुए सीआईयू से जारी बयान के मुताबिक, चोकसी को नवंबर, 2017 में पंजीकरण के आधार पर नागरिकता दी गई थी और उन्होंने 15 जनवरी, 2018 को एंटीगुआ में राज्यनिष्ठा की शपथ ली थी।

सीआईयू ने यह भी कहा कि चोकसी के आवेदन को अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (इंटरपोल) और अपराध व सुरक्षा (आईएमपीएसीएस) सहित प्रतिष्ठित एजेंसियों द्वारा काफी सावधानी और अंतर्राष्ट्रीय जांच के बाद मंजूर किया गया था।

सीआईयू ने यह भी कहा, “2017 की जांच से चोकसी के बारे में कोई अपमानजनक जानकारी नहीं मिली।”
गीतांजलि समूह की कंपनियों के मालिक ने आगे कहा, “जनवरी, 2018 में मुझे इलाज के लिए अमेरिका जाना था। इलाज के बाद मैं अभी स्वास्थ्य लाभ कर रहा हूं।”

चोकसी ने कहा कि इस मामले में उसने अपनी नागरिकता वाले देश एंटीगुआ और बारबुडा में रहने का फैसला किया और वहां कानूनों का पालन करने का फैसला किया है।

गौरतलब है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कहा था कि पीएनबी धोखाधड़ी के मामले में चोकसी के ठिकाने का विवरण मांगने के लिए उसने एंटीगुआ के अधिकारियों को लिखा है, जिसके तीन बाद उसकी यह टिप्पणी आई है।

पीएनबी घोटाला उजागर होने के बाद कई समाचार चैनलों पर दिखाए गए एक वीडियो में प्रधानमंत्री को चोकसी तारीफ में यह कहते सुना गया था कि ‘हीरे की पहचान तो अपने मेहुल भाई को सबसे ज्यादा है।’ उन्हीं दिनों शिवसेना ने कहा था कि नीरव मोदी और मेहुल चोकसी भाजपा को हर चुनाव में करोड़ों रुपये देते रहे हैं।

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