महिलाओं की हर समस्‍या हल करेंगे 6000 से ज्‍यादा डॉक्‍टर

आगरा। 13 से 17 जनवरी तक कलाकृति ग्राउंड मिनी वर्ड के रूप में नजर आएगा। जहां न सिर्फ देश विदेश के 6 हजार से अधिक डॉक्टर महिलाओं से जुड़ी सामाजिक व स्‍वास्‍थ्‍य समस्याओं पर विचार मंथन करेंगे बल्कि यह कांफ्रेंस वैश्वीकरण का संदेश होगा। जहां भारत के साथ अमेरिका, इंग्लैंड, पाकिस्तान, श्रीलंका सहित लगभग एक दर्जन देशों के डॉक्टर इकट्ठें होंगे। किसी फाइवस्टॉर होटल के बजाय पहली बार ओपन एरिया में हो रही कांफ्रेंस से 3-4 हजार क्षेत्रीय लोगों को रोजगार भी मिला है।

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कलाकृति के 3 लाख स्कैवर फीट एरिया में तैयार किए जा रहे आईकोग (ऑल इंडिया कांग्रेस ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजी) कांफ्रेंस के लिए लगभग 200 कारीगर 15 हॉल बनाने की तैयार में जुटे हैं, जो तैयार होने के बाद किसी होटल से कम नजर नहीं आएंगे। जापान में मैन्यूफैक्चर मटीरियर से तैयर से हो रहे हॉल 150 प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवा को सहन करने के साथ वॉटर व फायर प्रूफ भी होंगे। मकर संक्राति पर आयोजित होने वाले काइट फेस्टिवल के लिए आस-पास के ग्रामीणों के खेतों को रेंट पर लिया गया है। जिससे खेती न करने पर भी किसानों को आर्थिक लाभ मिल सकेगा।

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कैटरिंग और फोटोग्राफी से लेकर तमाम चीजों के लिए आगरा की सुविधाएं लेने से यहां के लगभग तीन हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। आईकोग आर्गनाइजिंग कमेटी के चेयरमैन प्रो. नरेन्द्र मल्होत्रा और जयदीप मल्‍होत्रा ने बताया कि कांफ्रेंस में वॉलेंटियर के रूप में आगरा शहर के मैनेजमेंट कॉलेज के 300 से अधिक स्टूडेंट भी होंगे। आईकोग के इवेन्ट को-ऑर्डिनेटर राजेश सुराना के अनुसार दो साल से इस कांफ्रेंस की तैयारी चल रही है।

मीना बाजार के जरिए दुनिया भर में प्रमोट होंगे आगरा प्रोडक्ट

देश विदेश के डॉक्टरों के लिए आईकोग में मीना बाजार भी सजेगा। जहां आगरा की दालमौठ-पेठा, जूते, जरी के आयटम के अलावा जयपुर की लाख ज्वैलरी व अनय प्रांतों की भी स्टॉल होंगी। यानि आईकोग मेडिकल ट्यूरिज्म के रूप में शहरवासियों के वरदान साबित हो रहा है।

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कलाकृति ही क्यों  ?

कलाकृति को ही इस इवेन्ट के लिए चुनने का मकसद शहरी लोगों की सुविधा को ध्यान में रखना है। राजेश सुराना के अनुसार अक्सर इस तरह के बड़े आयोजन बीच शहर में करने पर ट्रैफिक की समस्या का खामियाजा क्षेत्रीय लोगों को झेलना पड़ता है। हमारे पास आगरा क्लब और तारघर ग्राउंड सहित और भी कई विकल्प थे। लेकिन कलाकृति को क्षेत्रीय लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चुना गया है।

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