इस दिन से खुल जाएंगे सभी Monuments, पर्यटक कर सकेंगे ताज का दीदार

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के सभी केंद्रीय संरक्षित स्मारकों/स्थलों और संग्रहालयों को 16 जून से खोल दिया जाएगा

नई दिल्ली: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के सभी केंद्रीय संरक्षित स्मारकों/स्थलों और संग्रहालयों को 16 जून से खोल दिया जाएगा। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री ने इस बात की जानकारी दी है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर को देखते हुए एएनआई ने ताजमहल (Taj Mahal) समेत देश के सभी स्मारकों/स्थलों और संग्रहालयों को बंद कर दिया था। फिलहाल अब पर्यटक इन स्थलों पर 16 जून से जा सकेंगे।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) संस्कृति मंत्रालय से जुड़ी एक भारतीय सरकारी एजेंसी है जो पुरातात्विक अनुसंधान और देश में सांस्कृतिक स्मारकों के संरक्षण और संरक्षण के लिए जिम्मेदार है। इसकी स्थापना 1861 में अलेक्जेंडर कनिंघम ने की थी जो इसके पहले महानिदेशक भी बने।

ताजमहल की खासियत

ताजमहल (Taj Mahal) दुनिया के 7 अजूबों में से एक अतुलनीय धरोहर है। यह उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में स्थित विश्व धरोहर मकबरा है। इसका निर्माण मुगल सम्राट शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में करवाया था।ताजमहल मुगल वास्तुकला का अनोखा उदाहरण है। इसकी वास्तु शैली फारसी, तुर्क, भारतीय और इस्लामी वास्तुकला के घटकों का अनोखा सम्मिलन है। सन् 1983 में ताजमहल युनेस्को विश्व धरोहर (UNESCO World Heritage) स्थल बना। ताजमहल को भारत की इस्लामी कला का रत्न भी घोषित किया गया है। इसे संगमरमर की सिल्लियों की बड़ी- बड़ी पर्तो से बनाया गया है। इसका श्वेत गुम्बद और टाइल आकार में संगमरमर से ढंका है।

इस इमारत के चारो कोनों पर 4 बड़ी मीनारें स्थित हैं। यह मीनारें मस्जिद में अजा़न देने हेतु बनाई जाने वाली मीनारों के समान ही बनाई गई हैं। प्रत्येक मीनार दो-दो छज्जों द्वारा तीन समान भागों में बंटी है। मीनार के ऊपर अंतिम छज्जा है, जिस पर मुख्य इमारत के समान ही छतरी बनी हैं। इन पर वही कमलाकार आकृति एवं किरीट कलश भी हैं। इन मीनारों में एक खास बात है, यह चारों बाहर की ओर हलकी सी झुकी हुईं हैं।  जिससे कि कभी गिरने की स्थिति में यह बाहर की ओर ही गिरें  और मुख्य इमारत को कोई क्षति न पहुंच सके।

यह भी पढ़ेWorld Blood Donation Day 2021: जानिए क्यों मनाया जाता है Karl Landsteiner की याद में यह दिवस

Related Articles