तन्वी सेठ पासपोर्ट विवाद पर विदेश मंत्रालय का जवाब

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नई दिल्ली| विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि उत्तर प्रदेश की महिला तन्वी सेठ को उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की बारीकी से जांच व सभी नियमों व प्रक्रियाओं के बाद पासपोर्ट जारी किया गया। मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, “तन्वी सेठ को पासपोर्ट जारी करते समय सभी नियमों व प्रक्रियाओं का पालन किया गया। अपने आवेदन के साथ 20 जून को उन्होंने जो दस्तावेज जमा किए थे, उसकी बारीकी से जांच हुई थी।”

तन्वी सेठउन्होंने कहा कि पासपोर्ट पोस्ट पीवी आधार पर जारी किया गया था। इसके मायने हैं कि पासपोर्ट जारी करने के बाद पुलिस सत्यापन किया गया।

उन्होंने कहा कि तन्वी सेठ के खिलाफ पुलिस की कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं है। वह हिंदू महिला हैं, जिन्होंने मुस्लिम से शादी की है। तन्वी की शिकायत थी कि अंतरधार्मिक विवाह के कारण उन्हें पासपोर्ट देने से इनकार किया गया। इस वजह से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को दखल देना पड़ा, जिसके बाद उन्हें पासपोर्ट मिल सका।

उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार पुलिस सत्यापन सिर्फ दो व्यापक बिंदुओं पर किया जाता है। पहला अगर आवेदक भारतीय नागरिक हो और दूसरा उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित हो। इन दो व्यापक बिंदुओं को सत्यापन फार्म में छह बिंदुओं में विभाजित किया गया है।

उन्होंने कहा, “जांच अधिकारी ने अपनी तरह से रिपोर्ट में दो टिप्पणियां की हैं। पहला, तन्वी सेठ नाम उनके शादी के प्रमाणपत्र में सादिया नाम से है और दूसरा वह नोएडा में रहती हैं।”

रवीश कुमार ने कहा, “लेकिन नियमों के अनुसार उनके शादी के प्रमाणपत्र वाले नाम की यहां कोई प्रासंगिकता नहीं, क्योंकि विवाह प्रमाणपत्र पासपोर्ट जारी करने के आवश्यक दस्तावेजों में शामिल नहीं है।”

उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि यह स्पष्टीकरण मीडिया में फैले सभी गलत सूचनाओं पर विराम लगा देगा।”

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