PM मोदी के साथ Jammu and Kashmir के नेताओं की सर्वदलीय बैठक, उमर अब्दुल्ला ने कहीं ये बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू-कश्मीर के विभिन्न राजनीतिक नेताओं के साथ एक सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की है

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के विभिन्न राजनीतिक नेताओं के साथ एक सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की है। इस दौरान पीएम ने कहा आज की यह बैठक एक विकसित और प्रगतिशील जम्मू-कश्मीर की दिशा में चल रहे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है, जहां सर्वांगीण विकास को आगे बढ़ाया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी प्राथमिकता जम्मू-कश्मीर में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करना है। परिसीमन तेज गति से होना चाहिए ताकि चुनाव हो सकें और जम्मू-कश्मीर को एक चुनी हुई सरकार मिले जो जम्मू-कश्मीर के विकास पथ को ताकत दे। उन्होंने कहा कि हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत एक मेज पर बैठने और विचारों का आदान-प्रदान करने की क्षमता है। मैंने जम्मू-कश्मीर के नेताओं से कहा कि जम्मू-कश्मीर को राजनीतिक नेतृत्व प्रदान करने और उनकी आकांक्षाओं को पूरी तरह से सुनिश्चित करने के लिए लोगों, विशेष रूप से युवाओं को यह सुनिश्चित करना है।

बैठक की बड़ी बातें

नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारुख अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) ने बताया कि PM से मुलाकात बहुत अच्छी रही। सभी पार्टियों ने अपनी बात उनके सामने रखा। उनकी तरफ से ये पहला कदम था कि किसी भी तरीके से जम्मू-कश्मीर के हालात बेहतर बनाए जाएं और एक सियासी दौर शुरू किया जाए। जब तक मैं अपनी जमात से बात नहीं कर लेता कुछ कह नहीं सकता।

NC नेता उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने बोला हमें वहां अलायंस के तौर पर नहीं बुलाया गया था। अगर बुलाया गया होता तो अलायंस की तरफ से एक को ही बुलाया गया होता। वहां पार्टीयों को दावत दी गई। गुपकार अलायंस के सदस्यों ने बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में हमने कोई ऐसी बात नहीं की जो अलायंस के एजेंडा के बाहर हो।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वहां किसी ने प्रधानमंत्री से नहीं कहा कि हम 5 अगस्त कबूल करते हैं। हमने कहा कि हम इससे नाराज हैं। PM से महबूबा मुफ्ती और फारुख अब्दुल्ला ने साफ कहा कि BJP को 370 हटाने का एजेंडा कामयाब कराने में 70 साल लगे। हमें 70 महीने लगेंगे तो भी हम अपने मिशन से पीछे नहीं हटेंगे।

उमर अब्दुल्ला ने यह भी बताया कि गुलाम नबी आजाद ने हम सबकी तरफ से वहां बात की और कहा कि हम ये टाइमलाइन नहीं मानते हैं। डिलिमिटेशेन, चुनाव और राज्य का दर्जा नहीं। पहले डिलिमिटेशन फिर राज्य का दर्जा फिर चुनाव। चुनाव कराना ही है तो पहले राज्य का दर्जा लौटा दीजिए। उसके बाद हम चुनाव पर बात करेंगे।

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