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यूपी के जिला पंचायत अध्यक्षों के छिन गए सारे अधिकार, जाने कब होगा चुनाव

प्रदेश के जिला पंचायत अध्यक्षों के सारे अधिकार खत्म हो गए है और इसके अधिकार प्रशासन के पास होंगे और जिला पंचायतों में जिलाधिकारी प्रशासक बन जाएंगे।

लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश में 13 जनवरी यानि बुधवार आधी रात 12 बजे से सभी जिला पंचायत (District Panchayat) अध्यक्षों का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। रात के बाद प्रदेश के जिला पंचायत (District Panchayat) अध्यक्षों के सारे अधिकार खत्म हो गए है और इसके अधिकार प्रशासन के पास होंगे और जिला पंचायतों में जिलाधिकारी प्रशासक बन जाएंगे। जानकारी के अनुसार जिला पंचायत चुनाव 15 मार्च से 30 मार्च के बीच होने हैं।

चुनाव परिणाम आने के 21-21 दिन बाद जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत का नोटिफिकेशन जारी होगा। पंचायतीराज मंत्री चौधरी भूपेन्द्र सिंह (Chaudhary Bhupendra Singh) के अनुसार चुनाव को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। मई तक पंचायत के सारे चुनाव पूरे करा लिए जाएंगे।

पंचायतीराज मंत्री चौधरी भूपेन्द्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्याशियों के वोट पड़ेंगे जो एक बॉक्स में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के वोट होंगे, तो दूसरे में क्षेत्र और जिला पंचायत सदस्यों के वोट पड़ेंगे। इसके मुताबिक, दो बॉक्स में चार पदों के प्रत्याशियों का भविष्य कैद होगा। फ़िलहाल अभी तक चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं हुई है।

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मई तक सभी चुनाव करा लिये जाएंगे

पंचायती राज मंत्री के अनुसार मई तक सभी चुनाव करा लिये जाएंगे। बुधवार को आधी रात के बाद जिला पंचायतों में जिलाधिकारी प्रशासक बन जाएंगे। आपको बता दें कि जिला पंचायत अध्यक्षों का बीता कार्यकाल काफी उठापटक वाला रहा है। सियासी दावपेंच में 6 जिला पंचायत अध्यक्षों को त्यागपत्र देने पड़े थे।

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पंचायतीराज की संस्थाएं ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला परिषद का चुनाव निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है। राजनीतिक दलों की दावेदारी होती है, लेकिन बीजेपी का साफ दावा है कि पंचायत से पार्लियामेंट तक के सिद्धांत पर उनकी पार्टी मैदान में उतरी है। वहीं इन चुनावों के लिए सपा, बसपा और कांग्रेस समेत दूसरे क्षेत्रीय दल भी अपनी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में लगे हैं।

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