तेजस्वी पर भी मेवालाल की तरह ही है भ्रष्टाचार के आरोप, क्या वह भी देंगे इस्तीफा: जदयू

वही धाराएं तेजस्वी प्रसाद यादव के विरुद्ध भी है, तो क्या वह भी प्रतिपक्ष के नेता पद से इस्तीफा देकर राजनीतिक शुचिता का उदाहरण पेश करेंगे।

पटना: बिहार में शिक्षा मंत्री का पदभार ग्रहण करने के ढाई घंटे के बाद ही इस्तीफा देने वाले मेवालाल चौधरी को लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से सरकार के खिलाफ लगातार हो रहे हमलों पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने आज पलटवार करते हुए सवाल किया कि भ्रष्टाचार की जिन धाराओं के कारण चौधरी ने इस्तीफा दिया है, वही धाराएं तेजस्वी प्रसाद यादव के विरुद्ध भी है, तो क्या वह भी प्रतिपक्ष के नेता पद से इस्तीफा देकर राजनीतिक शुचिता का उदाहरण पेश करेंगे।

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अशोक चौधरी, पूर्व सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार, मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह और प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक ने शनिवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी ने अपने पर भ्रष्टाचार समेत अन्य आरोप लगने और पुलिस की ओर से अभियोजन चलाने की मांग किये जाने पर राजनीतिक शुचिता का ध्यान रखते हुए पद का त्याग कर दिया। उन्होंने कहा कि जो धाराएं मेवालाल चौधरी पर हैं, वही धाराएं तेजस्वी यादव पर भी हैं। ऐसे में क्या तेजस्वी यादव राजनीति में शुचिता पर ध्यान देंगे।

जदयू नेताओं ने कहा कि नीतीश कुमार ने राजनीतिक शुचिता का सदैव ध्यान रखा है। जब भी सार्वजनिक जीवन में विवादास्पद मामले आए हैं कुमार ने उसपर तुरंत कार्रवाई की है। उनकी सरकार में जीतन राम मांझी, आरएन सिंह और रामाधार सिंह जैसे मंत्री उदाहरण है जिनपर आरोप लगने पर उन्होंने तत्काल नैतिकता का परिचय देते हुए इस्तीफा दिया और दोषमुक्त होने के बाद ही मंत्री बने।

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