सेहत के साथ जेब भी स्वस्थ रखेगी तुलसी, एक एकड़ पर 25 हजार तक मुनाफा; कोरोना काल में बढ़ी डिमांड

औषधीय पौधा तुलसी अब लोगों को स्वस्थ रखने के साथ मालामाल यानी जेब भी भरेगी। हिमाचल प्रदेश मेडिसिन प्लांट बोर्ड को कंपनियों ने 22 टन तुलसी की डिमांड भेजी है। तुलसी का प्रयोग आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी व एलोपैथी दवाओं में होता है। तुलसी का पौधा न केवल हवा को भी शुद्ध बनाता है, बल्कि किसान इसकी खेती कर आमदनी भी बढ़ा सकते हैं। कोरोना काल में काढ़ा बनाने में भी तुलसी का इस्तेमाल हो रहा है।

एक एकड़ पर 25 हजार का शुद्ध लाभ

तुलसी की खेती करने पर प्रति एकड़ से 25 हजार रुपये तक शुद्ध मुनाफा किसान को होगा। एक एकड़ भूमि से लगभग पांच क्विंटल सूखी तुलसी प्राप्त की जा सकता है। औसतन 80 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से 40 हजार रुपये तक की सकल, 25 हजार रुपये शुद्ध आय अर्जित की जा सकती है।

दो बार काटी जा सकती है फसल

हिमाचल के मंडी, ऊना, बिलासपुर, सिरमौर, कांगड़ा और सोलन जिलों में इसे उगाया जा सकता है। ये तीन प्रकार हरी, काली व नीली (बैंगनी) रंग की होती है। इसकी रोपाई के लिए प्रति एकड़ 80 से 120 ग्राम बीज पर्याप्त होता है। इसकी पहली फसल को 90-95 इसके बाद 65-75 दिन के अंतराल में काट सकते हैं।

इन कंपनियों ने की है डिमांड

तुलसी के लिए डाबर, हिमामी, हिमालया सहित कई नामी कंपनियां इसकी डिमांड कर चुकी हैं। हिमाचल प्रदेश मेडिसिन प्लांट बोर्ड के पास पहुंच रही डिमांड लगातार बढ़ रही है।

ये हैं औषधीय गुण

तुलसी की जड़, तना, पत्तियों समेत सभी भाग उपयोगी हैं। इसमें हीङ्क्षलग पॉवर यानी घाव भरने की क्षमता अधिक होती है। श्वास संबंधित रोग, बुखार, जुकाम को ठीक करती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। किडनियों को स्वस्थ रखती है। इसकी पत्तियों में चमकीला वाष्पशील तेल पाया जाता है जो कीड़ों व वैक्टीरिया के खिलाफ काफी कारगर साबित होता है।

ये पाए जाते हैं पोषक तत्व

तुलसी में असेंशियल आयल जिसमें निरोल, यूजिनोल, टरपीनीन, पाइनीनी और कार्बाकरोल इत्यादि पोषक तत्व पाए जाते हैं।

आस्ट्रेलिया में हुआ है शोध

आरस्ट्रेलिया के आरएमआइटी विश्वविद्यालय के प्रो. मार्क मोरिस ने तुलसी पर शोध कर ‘लीक्विड योगाÓ नामक किताब प्रकाशित की है। इसमें कहा गया है कि सुबह तुलसी की चाय पीने से 15 मिनट तक योगा के समान लाभ लाभ प्राप्त होता है। इससे वद्धावस्था दूर रही है।

औषधीय पौधों की मांग बढ़ी

कोरोना संकट के बीच तुलसी सहित औषधीय पौधों व जड़ी बूटियों की मांग बढ़ी है। तुलसी की ही 22 टन मांग आई है। सरकार राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) योजना के तहत औषधीय पौधों की खेती को समुचित वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। युवाओं को इस क्षेत्र में रोजगार के लिए आगे आना चाहिए।

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