कमलनाथ के करीबी दुसरे दिन भी निशानें पर, आयकर की कार्रवाई, आज खोले जा सकते हैं लॉकर्स

भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के सहयोगियों के ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई सोमवार को दूसरे दिन भी जारी है। सीएम के निजी सचिव प्रवीण कक्कड़ के करीबी प्रतीक जोशी और अश्विन शर्मा के भोपाल स्थित घरों पर छापेमारी में अब तक 9 करोड़ रुपए नकद मिल चुके हैं। आज लॉकर्स खोले जा सकते हैं। रविवार देर रात नोट गिनने की छह मशीन बुलवाई गई थीं। सूत्रों के मुताबिक, अश्विन के पास मिले 11 बैग खुलना बाकी हैं, इनमें और नकदी मिल सकती है।

कक्कड़ के इंदौर स्थित घर से 30 लाख की ज्वेलरी और दो लाख कैश मिला है। उनसे रातभर पूछताछ की गई। उनके सीए अनिल गर्ग ने कहा कि आईटी अफसरों ने मुझसे आईटीआर की कॉपी मांगी थीं, मैंने उन्हें पिछले सात साल में भरे गए आईटीआर की कॉपी उपलब्ध करा दी हैं।

आयकर के 500 अफसरों की टीमों ने रविवार तड़के 3 बजे भोपाल, इंदौर, दिल्ली, कोलकाता समेत 50 ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई हवाला के जरिए हुए पैसे के लेन-देन और टैक्स चोरी की आशंका के चलते की गई। कमलनाथ के निजी सचिव प्रवीण कक्कड़, भांजे रतुल पुरी, सलाहकार आरके मिगलानी, कक्कड़ के करीबी प्रतीक जोशी और अश्विन शर्मा के ठिकाने खंगाले गए। इस बीच, मध्यप्रदेश पुलिस और सीआरपीएफ के बीच रविवार शाम को टकराव की स्थिति बन गई। सीआरपीएफ के अफसरों ने पुलिस को परिसर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी।

कार्रवाई की जानकारी आयोग को दी जाए

चुनाव आयोग के अफसर विक्रम बत्रा ने कहा कि पैसों के जरिए मतदाता को प्रभावित करने का चलन तेजी से बढ़ा है। खुफिया सूचनाओं के आधार पर प्रवर्तन एजेंसियां कानून के मुताबिक प्रभावी कदम उठा रही हैं। आयोग की सलाह है कि चुनावी समर में कार्रवाई निष्पक्ष होकर करना चाहिए। साथ ही आचार संहिता के दौरान ऐसी कार्रवाई की जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को दी जाना चाहिए। इसके लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ने निर्देश जारी किया है।

छापे रविवार सुबह 3 बजे से शुरू हुए 

  • यह कार्रवाई सीधे दिल्ली से बुलाई गई सीआरपीएफ टीम की सुरक्षा में तड़के 3 बजे शुरू की गई। मध्यप्रदेश में इंदौर और भोपाल में कुल 6 ठिकानों पर यह कार्रवाई की गई। हालांकि यहां छापे का केंद्र अश्विन शर्मा थे। आशंका जताई जा रही है कि शर्मा ने कांग्रेस सरकार बनने के बाद ट्रांसफर और पोस्टिंग में अहम भूमिका निभाई थी।
  • हालांकि शर्मा ने खुद को भाजपा का कार्यकर्ता बताया। शाम को अश्विन शर्मा के घर छापे के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस और सीआरपीएफ के बीच टकराव की स्थिति बन गई। सीआरपीएफ का कहना है कि मध्य प्रदेश पुलिस हमें काम नहीं करने दे रही। भोपाल में छापे का मुख्य केंद्र अश्विन शर्मा ही रहा। सूत्रों के अनुसार उसके डेढ़ दर्जन से अधिक आईएएस अधिकारियों से बेहद नजदीकी संबंध थे। विभाग इन अफसरों के साथ वॉट्सऐप चैट की डिटेल खंगाल रहा है।

आर्म्स डीलर हैं प्रतीक जोशी और अश्विन शर्मा

दोनों आपस में रिश्तेदार हैं। अश्विन का ब्यूरोक्रेट्स में खासा दखल है। एनजीओ समेत कई काम हैं। अफसरों के कमरों में बेधड़क आना और जाना भी है। ऐसा कहा जाता है कि ट्रांसफर-पोस्टिंग में भी ये सक्रिय रहते हैं। प्रवीण कक्कड़ से इनका जुड़ाव है। अश्विन 2005 से ही ब्यूरोक्रेट्स के बीच में सक्रिय है। अश्विन को शुरूआती दौर में मध्यप्रदेश के दो अफसरों ने मदद की और फिर यह दायरा बढ़ता गया। सचिवालय (वल्लभ भवन) के एक बड़े अफसर के कहने पर 31 दिसंबर को अश्विन ने फेसबुक प्रोफाइल डिलीट कर दी।

मुख्यमंत्री के ओएसडी प्रवीण कक्कड़

सीएम के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ इंदौर में टीआई थे। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम से चर्चा में आए। राष्ट्रपति अवॉर्ड भी मिला। 2004 में नौकरी छोड़कर वे पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे सांसद कांतिलाल भूरिया के स्टॉफ ऑफिसर बने थे।

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