राफेल के लिए अंबाला एयरबेस तैयार, चीन की चुनौती और पाक की हरकतों पर रहेगी नजर

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राफेल के लिए अंबाला एयरफोर्स पूरी तरह से तैयार है। इस लड़ाकू विमान के लिए एयरबेस विशेष प्रबंध किए गए हैं। राफेल के आने से चीन को चुनौती तो पाक की नापाक हरकतों पर नजर रहेगी। राफेल की अंबाला एयरबेस पर तैनाती से एयरफोर्स ही नहीं सैन्य शक्ति में भी इजाफा होगा। अंबाला से चंद मिनटों की उड़ान भरकर राफेल दुश्मन देश (पाकिस्तान और चीन) की सीमा पर पहुंच जाएगा। गोल्डन एरो को देश में राफेल की पहली स्क्वाड्रन होने का गौरव मिला है।

कल पहुंचेंगे राफेल विमान, पक्षियों के झुंड पर रहेगी नजर, पक्षियों के कारण जगुआर की रफ्तार हुई थी धीमी

जिस राफेल पर दुनिया भर की निगाहें टिकी हैं वह बुधवार को अंबाला में तैनात किए जाएंगे। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर बुनियादी ढांचा तैयार किया जा चुका है, लेकिन यहां पक्षियों के झुंड को लेकर विशेष निगरानी रखी जाएगी। जून 2019 में एयरबेस से उड़ान भरने के बाद जगुआर के सामने पक्षियों का झुंड आ गया था। पायलट ने विमान बचाने के लिए फ्यूल टैंक गिरा दिए थे। राफेल की तैनाती से इस तरह के खतरे को लेकर अधिकारी चिंतित हैं। अब लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वे घरों की छतों पर पक्षियों के लिए दाना न रखें।

एयरफोर्स ने जारी किया था वीडियो

जगुआर मामले में भारतीय वायुसेना ने अपने ट्विटर हैंडल पर वीडियो भी अपलोड किया था। इसमें साफ दिख रखा था है कि उड़ान भरने के कुछ सेकेंड के बाद ही जगुआर के सामने पक्षियों का एक झुंड सामने आ गया, जिसके चलते पायलट को फ्यूल टैंक गिराने पड़े।

बन गए मकान, सोए रहे अधिकारी

एयरफोर्स स्टेशन से 100 मीटर दूर किसी भी तरह का निर्माण नहीं हो सकता, लेकिन यहां करीब एक हजार मकान न केवल खड़े हो गए बल्कि उनकी रजिस्ट्रियां तक कर दी गई। वर्क्‍स ऑफ डिफेंस एक्ट 1903 के तहत एयरफोर्स स्टेशन के 100 मीटर दायरे में कोई भी निर्माण नहीं किया जा सकता।

अधिकारी भी पड़ गए सुस्त

जगुआर के सामने पक्षियों का झुंड आने के बाद टले हादसे के बाद अधिकारी नींद से जाग गए। कई विभागों की कमेटी का गठन कर नोटिस जारी किए गए, लेकिन अब अधिकारी सुस्त पड़ गए हैं।

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