भारत के लाल चांवल की पहली खेप अमेरिका एक्सपोर्ट, जानिए कैसे उगता है लाल चावल

भारत सरकार ने APEDA के हेड होने के तहत एक राइस एक्सपोर्ट प्रमोशन फोरम ( REPF ) बनाया था जिस की कोशिशों के बाद अमेरिका से यह आर्डर मिला है।

नई दिल्ली: हाल ही में भारत ने अपने लाल चावल की पहली खेप को अमेरिका एक्सपोर्ट किया है जिसने एक्सपोर्ट सेक्टर में भारत के नाम में चार चाँद लगा दिए हैं। कई साल पहले भारत सरकार ने APEDA के हेड होने के तहत एक राइस एक्सपोर्ट प्रमोशन फोरम ( REPF ) बनाया था जिस की कोशिशों के बाद अमेरिका से यह आर्डर मिला है। जिस के बाद  इस चावल के एक्सपोर्ट को हरी झंडी दिखाने की रस्म APEDA के अध्यक्ष डॉ एम अंगामुथु ने हरियाणा में पूरी की।

रंग के अलावा क्या बनाता है इसे दूसरे चावलों से अलग

यह आयरन से भरपूर होता है इसी वजह से इस का रंग लाल होता है। यह बिना किसी रासायनिक खाद के उगाया जाता है। इसे असम की ब्रह्मपुत्र घाटी में उगाया जाता है। चावल की इस किस्म को असम में बाओ-धान कहा जाता है, जो असम के लोगों की खुराक का एक ज़रूरी हिस्सा है।

2021 है भारत के लिए लकी, बढ़ रहा है एक्सपोर्ट

कॉमर्स मिनिस्ट्री ऑफ़ इंडिया के अनुसार 2020-21 में भारत का गैर-बासमती चावल एक्सपोर्ट पिछले साल कि तुलना में बढ़कर 26,058 करोड़ रुपये हो गया है। और आगे भी इस में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।

क्या है APEDA

यह एक गवर्नमेंटल आर्गेनाईजेशन है जिस की स्थापना APEDA  एक्ट के तहत 1986 में की गई थी। इसी के अंडर आने वाले आरईपीएफ की स्थापना भारत सरकार ने चावल निर्यात को बढ़ावा देने के लिए की थी। जिस की एक्सपोर्ट बढ़ने की कोशिश अब सफल होती नज़र आ रहीं है।

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