बिहार में EVM पर लग रहे आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने कहा, ‘ईवीएम सुरक्षित’

उपचुनाव आयुक्त से पूछे जाने पर कि क्या इस बार मतों की गिनती धीमीगति से हो रही है तो उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण इस बार मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ा दी गयी थी।

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने इन आरोपों का खंडन किया है कि बिहार विधानसभा चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में कोई छेड़छाड़ हुई है और मतों की गिनती धीमी रफ्तार से हो रही है बल्कि सामान्य गति से मतगणना हो रही है।

उपचुनाव आयुक्त संदीप जैन और चंद्रभूषण कुमार ने मंगलवार दोपहर यहां पत्रकारों के सवाल के जवाब में यह बात कही। यह पूछे जाने पर कि क्या इस बार मतों की गिनती धीमीगति से हो रही है तो उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण इस बार मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ा दी गयी थी। जाहिर है उसके कारण इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की संख्या बढ़ गई और सामाजिक दूरी के कारण मतगणना हाल की संख्या भी बढ़ा दी गई तथा मतगणना टेबल कम किये गए पर मतों की गिनती पहले की रफ्तार से ही हो रही है। ईवीएम के बढ़ने से मतों की गिनती का काम जरूर बढ़ गया।

ईवीएम में किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं : चुनाव आयोग

यह कहे जाने पर कि कुछ नेताओं ने ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायतें की है तो उन्होंने कहा कि ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं। उनमें किसी तरह की छेड़छाड़ सम्भव नहीं है। उच्चतम न्यायलय भी यह बात कह चुका है कि ईवीएम सुरक्षित हैं। आयोग ने पहले भी ईवीएम को लेकर विपक्षी दलों को चुनौती दी थी। इसलिए ईवीएम में किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं है। उन्होंने बताया कि इस बार चुनाव में सात करोड़ तीस लाख मतदाता थे और 57.3 प्रतिशत मतदान हुआ है। इस हिसाब से कितने वोट पड़े आप जोड़ लें।

यह पूछने पर कि अभी तक कितने राउंड की गिनती हुई है तो उन्होंने कहा कि यह बता पाना मुश्किल है क्योंकि हर विधानसभा क्षेत्र की स्थिति अलग है। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि मतगणना में उन्हीं पोस्टल बैलट की गिनती होती है जो सुबह 8 बजे तक आयोग को प्राप्त हुए।

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