जयकारों के उद्घोष के बीच इस तरह छाया मातम, चश्मदीद ने बयां किया मंजर

भीड़ के भयानक रेले के बीच भगदड़ मची और 13 लोग पिस गए

नए साल पर वे माता का आशीर्वाद लेने के लिए वैष्णो देवी पहुंचे थे. वैष्णो देवी भवन खचाखच भरा हुआ था. भीड़ हजारों में थी. कुछ चश्मदीदों की मानें तो यह 3 लाख तक थी. दुनिया जब नए साल के जश्न में डूबी थी, उसी दौरान आधी रात के बाद जयकारों का उद्घोष मातम की चीख-पुकार में बदल गया. वैष्णो देवी परिसर में आधी रात के बाद कुछ ऐसा हुआ जो श्रद्धालुओं ने इससे पहले कभी नहीं देखा था. भीड़ के भयानक रेले के बीच भगदड़ मची और 13 लोग पिस गए. अधिकतर जवान हैं. एक चश्मदीद ने जो बताया, वह रोंगटे खड़े करता है. रात के खौफ को बयां करते हुए उसने बताया कि कैसे करीब 14 साल की बच्ची ने उनकी आंखों के सामने दम तोड़ दिया.

मंदिर में व्यवस्था को लेकर भारी गुस्सा

माता के भवन से श्रद्धालु इस बार बेहद दर्दनाक यादों के साथ लौट रहे हैं. मंदिर में व्यवस्था को लेकर भारी गुस्सा है. कटरा लौट रहे एक चश्मदीद ने इसे बयां किया. उन्होंने बताया, ‘प्रशासनिक व्यवस्था बिल्कुल भी ठीक नहीं थी. श्रद्धालुओं की लाइन को दो भागों में बांटा नहीं गया था. सभी को एक साथ आने-जाने दिया जा रहा था. इससे भगदड़ मच गई.

‘वहां ढाई से तीन लाख लोग जमा थे’

इस घटना से दर्शन के लिए पहुंच यात्रियों में भारी गुस्सा है. एक चश्मदीद ने बताया, ‘ज्यादा लोग इकट्ठा हो गए थे वहां। फिर हो हल्ला हुआ. पुलिस ने कोई लाठीचार्ज नहीं किया था. अफरातफरी से स्थिति बिगड़ी. लोगों ने हल्ला किया, इसके बाद भगदड़ मच गई. रात में भगदड़ दो हिस्सों में हुई. पहली वाली में सब ठीक था. लेकिन दूसरी में कई की जानें चली गईं.

 

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