अमित शाह और ओवैसी की नोकझोंक के बीच NIA संशोधन बिल हुआ पास

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नई दिल्लीः लोकसभा में एनआईए ( संशोधन ) बिल पास हो गया है. आज लोकसभा में लंबी चर्चा के बाद इसे पास कर दिया गया और अब ये बिल राज्य सभा में जाएगा. ‘राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (संशोधन) विधेयक 2019’ या एनआईए बिल पास कराने के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने काफी लंबा भाषण दिया. इतना ही नहीं उन्होंने लोकसभा में डिवीज़न ऑफ वोट की मांग की.

आमतौर पर सभी तरह के बिल वॉइस वोटिंग के जरिए पास कराए जाते हैं लेकिन आज स्पीकर ने जैसे ही एनआईए बिल पर वॉइस वोटिंग के लिए आवाज लगाई तो गृह मंत्री अमित शाह ने डिवीज़न ऑफ वोट की मांग करते हुए कहा कि देश को यह जानना चाहिए कि कौन आतंकवाद के साथ है और कौन आतंकवाद के खिलाफ है. लोकसभा स्पीकर ने गृह मंत्री की मांग मान ली जिसके बाद लोकसभा में डिवीजन ऑफ वोटिंग के बाद एनआईए संशोधन बिल को पास किया गया.

पोटा को खत्म करना ठीक नहीं था-अमित शाह
आज एनआईए बिल पर चर्चा के दौरान अमित शाह ने कहा कि पोटा को दुरुपयोग के चलते नहीं बल्कि वोट बैंक के चलते खत्म किया गया था. पोटा को खत्म करने के परिणामस्वरूप 2008 से 2014 के बीच में आतंकवाद लगातार बढ़ता गया. कई अधिकारी और जानकार मानते हैं कि पोटा को खत्म करना ठीक नहीं था . इतना ही नहीं अगर पोटा खत्म नहीं किया गया होता तो शायद मुंबई में ब्लास्ट नहीं हुआ होता.

अमित शाह ने ये भी कहा कि पोटा को भंग करना उचित नहीं था, ये पूर्व के सुरक्षा बलों के अधिकारियों का भी मानना है. इससे आतंकवाद इतना बढ़ा कि स्थिति काबू में नहीं रही और एनआईए को लाने का फैसला किया गया. पोटा कानून को वोटबैंक बचाने के लिए भंग किया गया था. पोटा से देश को आतंकवाद से बचाया जाता था, इससे आतंकवादियों के अंदर भय था, देश की सीमाओं की रक्षा होती थी. इस कानून को यूपीए की सरकार ने 2004 में आते ही भंग कर दिया जिसका परिणाम आतंकवाद के बढ़ने के रूप में देखा गया.गृह मंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने वाली किसी एजेंसी को और ताकत देने की बात हो और सदन एक मत न हो, इससे आतंकवाद फैलाने वालों का मनोबल बढ़ता है. मैं सभी दलों के लोगों से कहना चाहता हूं कि ये कानून देश में आतंकवाद से निपटने में सुरक्षा एजेंसी को ताकत देगा. इतना ही नहीं हम पोटा पर चर्चा के लिए तैयार हैं.

अमित शाह-ओवैसी के बीच हुई तीखी नोंकझोंक

आज लोकसभा में चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह और एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी के बीच जोरदार बहस हुई . लोकसभा में एनआईए ( संशोधन ) बिल पर चर्चा के दौरान जब बीजेपी के सत्यपाल सिंह भाषण दे रहे थे तो असदुद्दीन ओवैसी ने इसमें बाधा डाली और आपत्ति जताने लगे. ओवैसी के बाधा डालने पर सदन में मौजूद गृह मंत्री अमित शाह नाराज़ हो गए और खड़े होकर बोलने लगे. अमित शाह ने कहा कि सब लोग अपनी बारी आने पर बोलें तो बेहतर रहेगा.

जैसे ही अमित शाह ने बोलना शुरू किया तो विपक्षी सांसदों ने कहा कि अमित शाह डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं असदुद्दीन ओवैसी और और अमित शाह में डर फैलाने को लेकर लोकसभा में तकरार हो गई. ओवैसी ने कहा कि शाह विपक्ष को डरा रहे हैं. इस पर अमित शाह ने कहा कि आपके जेहन में डर बैठा है तो मैं क्या करूं.

क्या है एनआईए
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण या नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) भारत में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए भारत सरकार द्वारा स्थापित एक संघीय जांच एजेंसी है एजेंसी राज्यों से विशेष अनुमति के बिना राज्यों में आतंक संबंधी अपराधों से निपटने के लिए सशक्त है.

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